गोरखपुर: दीवानी कचहरी की पार्किंग में दुष्कर्म के अभियुक्त की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, एक माह पहले मिली थी जमानत
मृतक युवक की पहचान दिलशाद हुसैन मुजफ्फरपुर, बिहार के सकरा थाना क्षेत्र में विधिपुर के रुप में हुई है। उसपर बड़हलगंज क्षेत्र की किशोरी से दुष्कर्म का आरोप था।
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गोरखपुर दीवानी कचहरी की पार्किंग में शुक्रवार दोपहर, अपहरण और दुष्कर्म के एक अभियुक्त दिलशाद हुसैन (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या, दुष्कर्म पीड़िता के पिता, सेवानिवृत्त फौजी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर की।
घटना दोपहर करीब 1.30 बजे, उस वक्त घटी, जब दिलशाद अपने केस की तारीख पर अपने वकील से मिलने कोर्ट पहुंचा। आरोपी को मौका-ए-वारदात से पकड़कर, लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। हत्या का मुकदमा दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस हिरासत में आरोपी ने कहा कि दिलशाद ने उसकी जिंदगी जहन्नुम बना दी थी, उसके पास इसके सिवा कोई रास्ता नहीं रह गया था।
जानकारी के मुताबिक, वारदात का शिकार दिलशाद पुत्र ताहिर हुसैन, बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र स्थित बिभीपुरा गांव का रहने वाला था। शुक्रवार को केस की तारीख थी। कोरोना की वजह से कोर्ट परिसर में वादकारियों के आने पर रोक है। इस वजह से दिलशाद ने अपने वकील शंकर शरण शुक्ला को कचहरी गेट के पास से फोन कर बुलाया। वकील उससे मिलने गेट के बाहर आ रहे थे। जैसे ही दिलशाद अपने वकील की तरफ बढ़ा, पहले से ही वहां घात लगाए, दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने उस पर फायर कर दिया।
गोली नहीं लगी तो जान बचाने के लिए दिलशाद कचहरी के गेट की तरफ भागा, लेकिन तभी आरोपी ने निशाना साध कर दूसरी गोली चलाई, जो दिलशाद के सिर को पिछले हिस्से को भेदते हुए, माथे से पार निकल गई। दिलशाद गिरा, फिर उठ नहीं सका, उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोली मारने के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन साइकिल स्टैंड के कर्मचारी कन्हैया ने उसे दौड़ा लिया।
थोड़ी दूरी पर भीड़ व पुलिस की मदद से आरोपी को दबोच लिया गया। हत्या आरोपी को लेकर पुलिस कैंट थाने पहुंची, इसके बाद उसकी पहचान हुई। हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी पिस्टल आरोपी के कब्जे से बरामद हो गई है।
गुस्साए अधिवक्ताओं ने एक घंटे तक नहीं उठाने दिया शव
कचहरी पार्किंग में सरेआम हुई हत्या की घटना के बाद गुस्साए, अधिवक्ताओं ने एक घंटे तक प्रदर्शन किया। सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए, उन्होंने शव उठाने से रोक दिया। सूचना के बाद एडीजी, डीआईजी और एसएसपी सहित अन्य अधिकारी फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जिला जज के हस्तक्षेप के बाद अधिवक्ता शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
दुष्कर्म की घटना, जो हत्या का कारण बनी
दिलशाद पर आरोप था कि उसने 11 फरवरी 2020 को 17 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर लिया और फरार हो गया था। पिता की तहरीर पर पुलिस ने 17 फरवरी 2020 को केस दर्ज कर दिलशाद को हैदराबाद से गिरफ्तार करके जेल भेजा था। दुष्कर्म के साथ ही, लड़की के नाबालिग होने की वजह से पॉक्सो एक्ट में 23 मार्च 2020 को दिलशाद के खिलाफ चार्टशीट दाखिल की गई थी।
अभियुक्त दिलशाद गोरखपुर जेल में लंबे समय से बंद था। करीब एक माह पहले ही वह जमानत पर छूटा था। पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज होने की वजह से मामले की सुनवाई तेजी से हो रही थी। हत्यारोपित सेवानिवृत्त फौजी का आरोप है कि जमानत से बाहर आने के बाद, दिलशाद ने उसका और उसके परिवार का जीना दूभर कर दिया था। उसके पास खुद को या दिलशाद को मारने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया था। लिहाजा, उसने दिलशाद को मार डाला।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि दिलशाद को बड़हलगंज पुलिस ने दुष्कर्म, अपहरण और पॉक्सो के आरोप में जेल भेजा था। वह इस समय जमानत पर बाहर था। शुक्रवार को तारीख पर आया था। कचहरी के बाहर था, तभी दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या आरोपी को गिरफ्तार कर, पिस्टल बरामद कर ली गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता में है।