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योग से मानसिक, बौद्धिक, शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर: डॉ. सुशांत
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गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में योग सप्ताह का उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में 9वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 21 जून तक चलने वाले अमृत योग सप्ताह की बुधवार से शुरुआत हो गई। उद्घाटन बीएचयू आईआईटी के आचार्य डाॅ. सुशांत कुमार श्रीवास्तव एवं कुलपति मेजर जनरल डाॅ. अतुल वाजपेयी ने दीप जलाकर किया।
डाॅ. सुशांत कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि गीता में कहा गया है योगः कर्मसु कौशलम् जिसका अर्थ है कि योग से कर्मों में कुशलता आती है। हमें ऐसी मानसिक स्थिति में काम करना है कि हम कर्म एकदम अच्छे तरीके से करें और फल की चिंता में न पड़कर खुद को व्यग्र न करें। योग अभ्यास से मानसिक, बौद्धिक, शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। कुलपति ने कहा कि योग शरीर और मन के बीच स्थिरता बनाए रखने की एक प्रक्रिया है। हर किसी को योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन बीएएमएस छात्रा मुस्कान ने किया। इस मौके पर आयुर्वेद कॉलेज के कालेज के प्राचार्य मंजूनाथ एनएस आदि मौजूद रहे।
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में 9वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 21 जून तक चलने वाले अमृत योग सप्ताह की बुधवार से शुरुआत हो गई। उद्घाटन बीएचयू आईआईटी के आचार्य डाॅ. सुशांत कुमार श्रीवास्तव एवं कुलपति मेजर जनरल डाॅ. अतुल वाजपेयी ने दीप जलाकर किया।
डाॅ. सुशांत कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि गीता में कहा गया है योगः कर्मसु कौशलम् जिसका अर्थ है कि योग से कर्मों में कुशलता आती है। हमें ऐसी मानसिक स्थिति में काम करना है कि हम कर्म एकदम अच्छे तरीके से करें और फल की चिंता में न पड़कर खुद को व्यग्र न करें। योग अभ्यास से मानसिक, बौद्धिक, शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। कुलपति ने कहा कि योग शरीर और मन के बीच स्थिरता बनाए रखने की एक प्रक्रिया है। हर किसी को योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन बीएएमएस छात्रा मुस्कान ने किया। इस मौके पर आयुर्वेद कॉलेज के कालेज के प्राचार्य मंजूनाथ एनएस आदि मौजूद रहे।
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