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Gorakhpur News: योग कोई पंथ या संप्रदाय नहीं महाविज्ञान है: प्रो. द्वारका नाथ
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- गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में योग प्रशिक्षण कार्यशाला का छठवां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ में चल रहे सप्त दिवसीय ग्रीष्मकालीन योग कार्यशाला के छठवें दिन ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डीडीयू के दर्शन शास्त्र विभाग के प्रो. द्वारका नाथ ने कहा कि योग कोई पंथ या संप्रदाय नहीं है। योग महाविज्ञान है। इसके द्वारा जीवन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि योग पूरे भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। यह अनेक प्रक्रियाओं का संकलन है। जिसमें मन व शरीर में सामंजस्य स्थापित कर मोक्ष प्राप्त करते हैं। योग प्रशिक्षण डाॅ. विनय कुमार मल्ल ने दिया। मुख्य अतिथि का स्वागत शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशलनाथ मिश्र ने किया। संचालन रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार और धन्यवाद ज्ञापन सहायक निदेशक डॉ. सोनल सिंह ने किया। इस दौरान सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, शोध अध्येता हर्षवर्धन सिंह, डॉ. कुंवर रणंजय सिंह, चिन्मयानंद मल्ल आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ में चल रहे सप्त दिवसीय ग्रीष्मकालीन योग कार्यशाला के छठवें दिन ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डीडीयू के दर्शन शास्त्र विभाग के प्रो. द्वारका नाथ ने कहा कि योग कोई पंथ या संप्रदाय नहीं है। योग महाविज्ञान है। इसके द्वारा जीवन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि योग पूरे भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। यह अनेक प्रक्रियाओं का संकलन है। जिसमें मन व शरीर में सामंजस्य स्थापित कर मोक्ष प्राप्त करते हैं। योग प्रशिक्षण डाॅ. विनय कुमार मल्ल ने दिया। मुख्य अतिथि का स्वागत शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशलनाथ मिश्र ने किया। संचालन रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार और धन्यवाद ज्ञापन सहायक निदेशक डॉ. सोनल सिंह ने किया। इस दौरान सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, शोध अध्येता हर्षवर्धन सिंह, डॉ. कुंवर रणंजय सिंह, चिन्मयानंद मल्ल आदि उपस्थित रहे।
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