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Gorakhpur: गैसीफायर शवदाह गृह को लेकर मुख्य अभियंता ने जिम्मेदार को किया तलब, मांगा जवाब
Fri, 09 Jun 2023 03:27 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 09 Jun 2023 03:27 PM IST
सार
नगर निगम अधिशासी अभियंता नर्वदेश्वर पांडेय ने कहा कि राप्ती नदी तट किनारे अंत्येष्टि पर एनजीटी की तरफ से रोक लगी है। ऐसे में गैसीफायर की सेवा को पूरी तरह से सही रखना जरूरी है। हर वर्ग के लोग यहां अपने परिजनों या जान पहचान वालों की अंत्येष्टि के लिए आते हैं।
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गोरखपुर राजघाट पर शवदाह गृह की खाली पड़ीं ट्रालियां।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गैसीफायर शवदाह गृह बंद होने के मामले में नगर निगम प्रशासन ने संबंधित फर्म से जवाब तलब किया है। फर्म के मैनेजर को बुलाकर गैसीफायर शवदाह गृह के खराब रहने के मामले में लिखित जवाब मांगा है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला में गैसीफायर शवदाह गृह बंद होने संबंधी छपी खबर का संज्ञान लेते हुए संचालित करने वाले फर्म के मैनेजर को नगर निगम में तलब किया। मुख्य अभियंता के निर्देश पर अधिशासी अभियंता नर्वदेश्वर पांडेय ने फर्म के मैनेजर अभिषेक से गैसीफायर के बंद रहने समेत अन्य मसलों पर पूछताछ की।
मैनेजर ने बताया कि नगर आयुक्त के निर्देश पर सबमर्सिबल को ठीक करवा दिया गया है। टाइल्स भी ठीक हो चुकी हैं। हालांकि, ट्रालियां कोरोना के समय से ही खराब हैं। इन्हें आर्डर देकर बनवाया जा रहा है। अधिशासी अभियंता ने कहा कि अगर सबमर्सिबल ठीक हो चुका है तो भी जिस काम के लिए इसे बनाया गया था, वह तो अब खराब ही है। इन सभी मसलों पर फर्म के मैनेजर से लिखित जवाब देने को कहा।
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इसे भी पढ़ें: गोरखपुर से होकर तीन रूटों पर चल सकती है वंदे भारत, 52 सेकेंड में पकड़ती है 100 KM की रफ्तार
नगर निगम अधिशासी अभियंता नर्वदेश्वर पांडेय ने कहा कि राप्ती नदी तट किनारे अंत्येष्टि पर एनजीटी की तरफ से रोक लगी है। ऐसे में गैसीफायर की सेवा को पूरी तरह से सही रखना जरूरी है। हर वर्ग के लोग यहां अपने परिजनों या जान पहचान वालों की अंत्येष्टि के लिए आते हैं। शासन की तरफ से सभी बातों का ध्यान रखते हुए इसे बनाकर तैयार किया गया था। इसे अगले तीन दो दिनों में पहले की तरह ही संचालित करवाने का प्रयास किया जाएगा। फर्म के मैनेजर से लिखित जवाब तलब किया गया है। इसके बाद आगे फैसला लिया जाएगा।
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नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला में गैसीफायर शवदाह गृह बंद होने संबंधी छपी खबर का संज्ञान लेते हुए संचालित करने वाले फर्म के मैनेजर को नगर निगम में तलब किया। मुख्य अभियंता के निर्देश पर अधिशासी अभियंता नर्वदेश्वर पांडेय ने फर्म के मैनेजर अभिषेक से गैसीफायर के बंद रहने समेत अन्य मसलों पर पूछताछ की।
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मैनेजर ने बताया कि नगर आयुक्त के निर्देश पर सबमर्सिबल को ठीक करवा दिया गया है। टाइल्स भी ठीक हो चुकी हैं। हालांकि, ट्रालियां कोरोना के समय से ही खराब हैं। इन्हें आर्डर देकर बनवाया जा रहा है। अधिशासी अभियंता ने कहा कि अगर सबमर्सिबल ठीक हो चुका है तो भी जिस काम के लिए इसे बनाया गया था, वह तो अब खराब ही है। इन सभी मसलों पर फर्म के मैनेजर से लिखित जवाब देने को कहा।
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नगर निगम अधिशासी अभियंता नर्वदेश्वर पांडेय ने कहा कि राप्ती नदी तट किनारे अंत्येष्टि पर एनजीटी की तरफ से रोक लगी है। ऐसे में गैसीफायर की सेवा को पूरी तरह से सही रखना जरूरी है। हर वर्ग के लोग यहां अपने परिजनों या जान पहचान वालों की अंत्येष्टि के लिए आते हैं। शासन की तरफ से सभी बातों का ध्यान रखते हुए इसे बनाकर तैयार किया गया था। इसे अगले तीन दो दिनों में पहले की तरह ही संचालित करवाने का प्रयास किया जाएगा। फर्म के मैनेजर से लिखित जवाब तलब किया गया है। इसके बाद आगे फैसला लिया जाएगा।