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Gorakhpur News: रिमोट सेंसिंग से मिलेगी विज्ञान छात्रों के कॅरिअर की नई उड़ान
Fri, 17 Jul 2026 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 17 Jul 2026 02:37 AM IST
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गोरखपुर। जलवायु परिवर्तन से लेकर जैव विविधता संरक्षण और आधुनिक शोध तक, रिमोट सेंसिंग तकनीक विज्ञान की तस्वीर बदल रही है। यही तकनीक अब विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए रोजगार और शोध के नए द्वार भी खोल रही है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित कार्यशाला में इसरो के पूर्व वैज्ञानिक एवं इंडियन रिमोट सेंसिंग इंस्टीट्यूट, देहरादून के पूर्व निदेशक प्रो. पीएस रॉय ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रिमोट सेंसिंग और जियोस्पेशियल तकनीक तेजी से उभरते क्षेत्रों में होंगे। इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने रिमोट सेंसिंग से जुड़े विभिन्न कोर्स, शोध संस्थानों और कॅरिअर विकल्पों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के सह-संरक्षक प्रमोद श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के कॅरिअर की दिशा भी तय करते हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल द्विवेदी ने स्वागत किया। डॉ. अभय कुमार ने रूपरेखा प्रस्तुत की। संचालन शोधार्थी सूर्य प्रताप शर्मा व आभार ज्ञापन प्रो. पूजा सिंह व डॉ. तूलिका मिश्रा ने किया।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित कार्यशाला में इसरो के पूर्व वैज्ञानिक एवं इंडियन रिमोट सेंसिंग इंस्टीट्यूट, देहरादून के पूर्व निदेशक प्रो. पीएस रॉय ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रिमोट सेंसिंग और जियोस्पेशियल तकनीक तेजी से उभरते क्षेत्रों में होंगे। इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने रिमोट सेंसिंग से जुड़े विभिन्न कोर्स, शोध संस्थानों और कॅरिअर विकल्पों की जानकारी दी।
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कार्यक्रम के सह-संरक्षक प्रमोद श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के कॅरिअर की दिशा भी तय करते हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल द्विवेदी ने स्वागत किया। डॉ. अभय कुमार ने रूपरेखा प्रस्तुत की। संचालन शोधार्थी सूर्य प्रताप शर्मा व आभार ज्ञापन प्रो. पूजा सिंह व डॉ. तूलिका मिश्रा ने किया।
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