{"_id":"657df8b847ecc5ddab069709","slug":"woolen-clothes-market-becomes-hot-as-cold-increases-tibet-market-becomes-brighter-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-402146-2023-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: ठंड बढ़ते ही ऊनी कपड़ों का बाजार गर्म, तिब्बत मार्केट में बढ़ी रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: ठंड बढ़ते ही ऊनी कपड़ों का बाजार गर्म, तिब्बत मार्केट में बढ़ी रौनक
Sun, 17 Dec 2023 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 17 Dec 2023 12:51 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। ठंड बढ़ने के साथ ऊनी कपड़ों का बाजार गर्म हो गया है। तिब्बत मार्केट में शनिवार को अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ देखने को मिली। हालांकि फिक्स रेट के चलते मोलभाव करने वाले ग्राहक निराश होकर जाते दिखे।
तिब्बत मार्केट में दुकान लगाने वाली महिला लामो कहती हैं कि वह 30 वर्षों से यहां आ रही हैं। पहले बहुत भीड़ हुआ करती थी, अब अधिकतर वही लोग आते हैं जो कुछ खरीदना चाहते हैं। फिक्स रेट हर जगह लगने वाले तिब्बत मार्केट पर लागू है। महिला दुकानदार नेफा कहती हैं कि फिक्स रेट होने से ग्राहकों को ठगे जाने का डर नहीं लगता है।
पिछले 10 वर्षों से दुकान लगाने वाली प्रेमा कहती हैं कि मैं अच्छी क्वालिटी के नए माडॅल के ऊनी कपड़े लाती हूं। पहले मोल भाव होता था तो विवाद होते थे। कोई कम में पाता तो कोई अधिक में पाता था। अब फिक्स रेट होने पर विवाद कम होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। ठंड बढ़ने के साथ ऊनी कपड़ों का बाजार गर्म हो गया है। तिब्बत मार्केट में शनिवार को अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ देखने को मिली। हालांकि फिक्स रेट के चलते मोलभाव करने वाले ग्राहक निराश होकर जाते दिखे।
तिब्बत मार्केट में दुकान लगाने वाली महिला लामो कहती हैं कि वह 30 वर्षों से यहां आ रही हैं। पहले बहुत भीड़ हुआ करती थी, अब अधिकतर वही लोग आते हैं जो कुछ खरीदना चाहते हैं। फिक्स रेट हर जगह लगने वाले तिब्बत मार्केट पर लागू है। महिला दुकानदार नेफा कहती हैं कि फिक्स रेट होने से ग्राहकों को ठगे जाने का डर नहीं लगता है।
विज्ञापन
पिछले 10 वर्षों से दुकान लगाने वाली प्रेमा कहती हैं कि मैं अच्छी क्वालिटी के नए माडॅल के ऊनी कपड़े लाती हूं। पहले मोल भाव होता था तो विवाद होते थे। कोई कम में पाता तो कोई अधिक में पाता था। अब फिक्स रेट होने पर विवाद कम होते हैं।
विज्ञापन