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सैकड़ों बच्चों की थाली में होंगी महिलाओं की उगाई हुई ये खास चीज, योगी सरकार ने दी ये खास सौगात

Sun, 11 Oct 2020 05:57 PM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 11 Oct 2020 05:57 PM IST
सार

  • 400 परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डेन तैयार करने का जिम्मा सौंपने की तैयारी
  • बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव, पांच हजार रुपये किया जाएगा भुगतान

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Women of self-help group will prepare vegetables for kitchen garden for mid day meal on children
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गांवों में संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उगाई ताजी सब्जियां अब परिषदीय विद्यालयों की मिड डे मील की थाली में पहुंचेंगी। इस पहल से जहां महिलाओं को घर के समीप रोजगार मिलेगा, वहीं बच्चों को पौष्टिक आहार भी उपलब्ध हो सकेगा।

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बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों में तैयार कराए जाने वाले किचन गार्डेन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को देने की योजना बनाई है। पहले चरण में संविलियन के 400 परिषदीय विद्यालयों को इससे जोड़ा जाएगा। इसका खाका तैयार है। जल्द ही इसे डीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
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जिले के सरकारी स्कूलों में किचन गार्डेन विकसित करने के निर्देश बहुत पहले से हैं, लेकिन पूर्व में बजट का प्रावधान न होने से योजना का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा था। योगी सरकार ने किचन गार्डेन को विकसित करने के लिए पांच हजार रुपये की धनराशि हर विद्यालयों को जारी करने का फैसला किया।

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शिक्षकों और बच्चों ने श्रमदान से किचन गार्डेन विकसित किया, मगर देखभाल के अभाव में ज्यादातर पनप नहीं सके। लिहाजा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने की योजना बनाई है। इसके लिए शासन की ओर से मिलने वाले पांच हजार रुपये की धनराशि स्वयं सहायता समूहों को दी जाएगी। (संवाद)

मिड डे मील के समन्वयक दीपक पटेल ने बताया कि पहले चरण में जिले के 400 संविलियन विद्यालयों को चुना गया है। इन विद्यालयों में बाउंड्री के साथ पर्याप्त मात्रा में जमीन उपलब्ध है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को खाद, बीज, औजार समेत अन्य जरूरत के समान प्रधानाध्यापक की ओर से मुहैया कराया जाएगा।

दो मॉडल के होंगे किचन गार्डेन
नई व्यवस्था में किचन गार्डेन के दो मॉडल तय किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय 20 गुणा 10 मीटर और शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में पर्याप्त जगह की उपलब्धता न होने से 10 गुणा 10 मीटर क्षेत्रफल में विकास किया जाएगा।

ये सब्जियां उगाई जाएंगी

किचन गार्डेन में भिंडी, पालक, लौकी, करेला, खीरा, कद्दू, बैंगन, शलगम, गाजर, मूली, सेम, तुरई, टमाटर, मटर, मिर्च, फूल और पत्ता गोभी, बथुआ, प्याज, लहसुन, चुकंदर आदि सब्जियां उगाई जाएंगी।
 
गमलों में उगाई जाएंगी सब्जियां
बच्चों को पोषण युक्त भोजन मुहैया कराने के लिए जिन विद्यालयों में जगह का अभाव है, वहां गमलों में सब्जियां उगाई जाएंगी। ये कार्य सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सुनिश्चित कराया जाना है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डेन तैयार कराने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं की मदद लेने की योजना तैयार की गई है। इससे स्वयं सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ा जा सकेगा। किचन गार्डेन से निकलने वाली सब्जियों का इस्तेमाल मिड डे मील में किया जा सकेगा।

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