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नारी राष्ट्र की आधारशिला व समाज की प्रथम स्तंभ : मीनाक्षी ताई
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-सशक्त का राष्ट्र का निर्माण तभी संभव,जब दोनों आधार सुदृढ़ हों
-बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मातृ शक्ति सम्मेलन आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। महिला समन्वयक की अखिल भारतीय संयोजिका मीनाक्षी ताई पेशवे ने कहा कि नारी राष्ट्र की आधारशिला व समाज की प्रथम स्तंभ है। एक सशक्त एवं जीवंत राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब उसके दोनों आधार सशक्त एवं सुदृढ़ हों। मातृ शक्ति के अधिकारों को संरक्षित करने, उसे सशक्त बनाकर राष्ट्र निर्माण में पुरुष के समानार्थी भूमिका सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला समन्वयक नारी संगठन की योजना रचना 1993 में की गई। यह ऐसा संगठन है, जिसका उद्देश्य नारी को घर के दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले परिवर्तनों से परिचित कराता है।
वह बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित मातृ शक्ति सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि विचार व्यक्त कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन का उद्देश्य समान विचारधारा में कार्य करने वाली मातृ शक्ति को संगठित कर एक भाव भावना जागृत करना है। उन्होंने कहा कि नारी को उसके विराट रूप का साक्षात्कार करने के लिए गोरखपुर विभाग के द्वारा मात्र शक्तियों का एक महासंगम आयोजित किया गया है।
सरस्वती बालिका विद्यालय की उपप्रधानाचार्य रश्मि श्रीवास्तव ने अतिथियों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दीनदयाल विश्वविद्यालय की कुलपति पूनम टंडन के अलावा शशिप्रभा तिवारी, सुनीता सिंह, कीर्ति पांडे सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन चारूशिला सिंह ने किया।
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-बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मातृ शक्ति सम्मेलन आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। महिला समन्वयक की अखिल भारतीय संयोजिका मीनाक्षी ताई पेशवे ने कहा कि नारी राष्ट्र की आधारशिला व समाज की प्रथम स्तंभ है। एक सशक्त एवं जीवंत राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब उसके दोनों आधार सशक्त एवं सुदृढ़ हों। मातृ शक्ति के अधिकारों को संरक्षित करने, उसे सशक्त बनाकर राष्ट्र निर्माण में पुरुष के समानार्थी भूमिका सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला समन्वयक नारी संगठन की योजना रचना 1993 में की गई। यह ऐसा संगठन है, जिसका उद्देश्य नारी को घर के दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले परिवर्तनों से परिचित कराता है।
वह बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित मातृ शक्ति सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि विचार व्यक्त कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन का उद्देश्य समान विचारधारा में कार्य करने वाली मातृ शक्ति को संगठित कर एक भाव भावना जागृत करना है। उन्होंने कहा कि नारी को उसके विराट रूप का साक्षात्कार करने के लिए गोरखपुर विभाग के द्वारा मात्र शक्तियों का एक महासंगम आयोजित किया गया है।
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सरस्वती बालिका विद्यालय की उपप्रधानाचार्य रश्मि श्रीवास्तव ने अतिथियों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दीनदयाल विश्वविद्यालय की कुलपति पूनम टंडन के अलावा शशिप्रभा तिवारी, सुनीता सिंह, कीर्ति पांडे सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन चारूशिला सिंह ने किया।
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