CCTV की मदद से मिली सफलता: बेटे की चाहत में बच्चे का महिला ने कराया था अपहरण, पुलिस ने किया खुलासा
एसएसपी ने बताया कि नंदानगर में रहने वाली रविता वर्मा सिलाई की दुकान चलाती है। वहीं पर पिछले चार महीने से बैतुल्लाह अंसारी दर्जी का काम करता था। रविता वर्मा की तीन बेटियां हुई थी, जिसमें से एक की मौत हो चुकी है। अब उसे बच्चे नहीं हो सकते थे और उसे बेटे की चाहत थी।
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गोरखपुर जिले में शाहपुर के नंदानगर से तीन साल के बच्चे अरबाज के अपहरण की साजिश सिलाई सेंटर चलाने वाली एक महिला ने रची थी। बच्चे को बरामद करने के साथ ही अपहरण और साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने महिला रविता वर्मा, उसके कर्मचारी बैतुल्लाह अंसारी और रविता के पिता नरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया।
बैतुल्लाह अंसारी ने ही बच्चे को चुराया था और नरेंद्र प्रसाद बच्चे के अपहरण की बात जानने के बाद ही गोपालगंज स्थित अपने घर पर छिपाए थे। पुलिस ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
पकड़ा गया बैतुल्लाह अंसारी नवलपुर, पश्चिमी चंपारण, रविता वर्मा पत्नी रमेश वर्मा नंदानगर और नरेंद्र प्रसाद गोपालगंज के निवासी हैं। एसएसपी डाॅ. गौरव ग्रोवर व एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी।
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एसएसपी ने बताया कि नंदानगर में रहने वाली रविता वर्मा सिलाई की दुकान चलाती है। वहीं पर पिछले चार महीने से बैतुल्लाह अंसारी दर्जी का काम करता था। रविता वर्मा की तीन बेटियां हुई थी, जिसमें से एक की मौत हो चुकी है। अब उसे बच्चे नहीं हो सकते थे और उसे बेटे की चाहत थी।
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इसके लिए उसने बैतुल्लाह अंसारी को लालच दिया कि अगर वह उसके लिए बेटे की व्यवस्था कर देगा तो उचित इनाम भी मिलेगा और जब तक चाहेगा, काम कर सकता है। इसी लालच में बैतुल्लाह ने पहले रुकसान के बच्चे अरबाज के अपहरण के लिए रेकी की। क्योंकि, कुशीनगर की मूल निवासी रुकसाना एक टीनशेड में रहकर मजदूरी करती है, इस वजह से वह जान चुका था कि उसके बच्चे को आसानी से उठाया जा सकता है।
23 जून की रात गर्मी ज्यादा होने की वजह से रुकसाना अपने बेटे के साथ कमरे के बाहर ही सोई थी। रात में 1.36 बजे के करीब बैतुल्लाह अंसारी ने बच्चे को चुरा लिया। साढ़े चार बजे के करीब जब रुकसाना की आंख खुली तो बेटे को खोजने लगी। काफी तलाश के बाद भी बच्चा नहीं मिला। रुकसाना काफी तलाश के बाद 27 जून की शाम में थाने पहुंच गई।