UP: सीएम योगी के फर्जी हस्ताक्षर से महिला को बनाया पदाधिकारी, जनता दरबार में पीड़िता की शिकायत, केस दर्ज
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फर्जी हस्ताक्षर कर एक महिला को नारी शक्ति विशेष पदाधिकारी बनाया गया। जिसके बाद गोरखपुर आने पर बुलंदशहर की महिला को इसकी जानकारी हुई। अब सीएम के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है।
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मुख्यमंत्री के फर्जी हस्ताक्षर से बुलंदशहर की एक महिला को नारी शक्ति विशेष पदाधिकारी बनाने का मामला सामने आया है। गोरखपुर आने के बाद महिला को जालसाजी का पता चला। महिला ने मुख्यमंत्री से जनता दर्शन में शिकायत की, जिसके बाद सीएम के आदेश पर पत्र भेजने वाले कथित सचिव दिनेश चौधरी नामक व्यक्ति के खिलाफ कैंट थाने में जालसाजी का केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, बुलंदशहर के शेखूपुर रौरा की रहने वाली रीना चौधरी ने गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री जनता दर्शन में पहुंच कर प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उनके साथ मुख्यमंत्री के नाम पर जालसाजी हुई है और पत्र भी दिखाया। दिनेश चौधरी, प्रधान सचिव (नारी शक्ति मिशन 2024) की तरफ से भेजे गए पत्र में रीना चौधरी को 30 नवंबर को दिन में एक बजे गोरखनाथ मंदिर कार्यालय पर बुलाया गया था।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही 30 नवंबर को इस जिम्मेदारी को ग्रहण करने के लिए बुलाया जा रहा है। पत्र में लिखा गया है कि विशेष जिम्मेदारी देने के लिए यह चर्चा बीते आठ नवंबर को दिल्ली कार्यालय पर हुई थी। वहीं पर गोरखनाथ मंदिर कार्यालय पर बैठक साझा होने का निर्णय किया गया। इसी क्रम में यह पत्र राष्ट्रीय कार्यालय दिल्ली से नौ नवंबर को भेजा जा रहा है।
पत्र मिलने के बाद रीना चौधरी की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने अपने यहां के कई भाजपा नेता और पदाधिकारियों से यह पत्र शेयर किया और पति के साथ शपथ ग्रहण करने के लिए गोरखपुर के लिए निकल पड़ीं। यहां आने के बाद उन्हें फर्जीवाड़ा की जानकारी हुई जिसके बाद केस दर्ज कराया।