Gorakhpur News: युवक की हत्या में महिला दोस्त ने दर्ज कराया केस, कहा- 'बेटे को भी अब जान का खतरा'- जानिए क्यों
मृतक के दोस्त शिल्पा ने कहा कि प्रदीप की हत्या के दौरान उसके 13 वर्षीय बेटे प्रियांशु ने हमलावरों देखा है। बेटे ने बताया कि जब हमलावर प्रदीप अंकल पर हमला कर रहे थे तब मुझे देखकर दौड़ा लिए थे। लेकिन प्रियांशु शोर मचाते भाग गया। अब हमलावर से मुझे व बेटे की जान को खतरा है।
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खोराबार क्षेत्र के डुहिया की शिल्पा यादव पत्नी रामसागर यादव ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि वर्तमान में वह अपने मायके सहजनवां थाना क्षेत्र के भेलउर उर्फ ढड़ौली में रहती हैं। सहजनवां थाना क्षेत्र के सेमरडांडी निवासी प्रदीप कुमार परिवार से अलग होकर साथ रहते थे। बगल के गांव कटहिया का राम सिंह पुरानी रंजिश रखता है।
बृहस्पतिवार रात सिवान में गेंहू की मड़ाई करा रही थीं। प्रदीप कुमार उर्फ गोलू मजदूरों के लिए गुटका लेने गए थे। लौटते समय आरोपी ने सहयोगियों के साथ मिलकर लाठी-डंडा से उनकी पिटाई कर दी। बेटा प्रियांशु शोर मचाते हुआ आया और कहा कि प्रदीप अंकल को रामसिंह व उनके सहयोगी पीट रहे हैं। मौके पर पहुंचने पर प्रदीप खून से लथपथ गिरे हुए थे और हमलावर भाग गए थे। घटना स्थल पर ही प्रदीप की मौत हो गई थी।
प्रदीप के पिता रमेश प्रसाद व माता राधारानी ने बताया दो बेटे और एक बेटी में प्रदीप दूसरे नंबर पर था। वह 16 वर्ष पहले हाईस्कूल की परीक्षा देने के बाद राजस्थान कमाने गया था। सात साल बाद घर लौटा। उसका संपर्क शिल्पा से हो गया और वह उसके साथ रहने लगा। आठ साल से घर के किसी सदस्य से कोई मतलब नहीं रखा।
बेटी की शादी हो गई। बड़ा बेटा पंकज गोरखपुर शहर स्थित मकान पर रहता है। वह लखनऊ में एक अधिकारी की गाड़ी चलाता है। गलत संगत के कारण पिछले साल पुलिस गोरखपुर स्थित मकान पर प्रदीप के पूछताछ करने गई थी। बताया कि प्रदीप की हत्या के बाद देर रात पुलिस सूचना लेकर घर आई थी। हमलोगों ने बेटे का शव लेने से इन्कार कर दिया। पिता रमेश प्रसाद ने कहा कि न तो उसका शव लेंगे ना ही क्रिया कर्म करेंगे।
शिल्पा ने कहा कि प्रदीप मेरे साथ रहते थे, मरने के बाद उनकी सारी जिम्मेदारी है। पोस्टमार्टम के बाद प्रदीप का शव मिलने के बाद शिल्पा के परिजनों ने राजघाट में अंतिम संस्कार किया। अब वह तेरही भी करेंगी।
यूट्यूब पर सौ से अधिक शिल्पा के वीडियो
शिल्पा यादव यूट्यूबर भी हैं। 100 से अधिक वीडियो यूट्यूब पर शेयर कर चुकी हैं। शिल्पा यादव ने बताया कि गीडा स्थित एक होटल में पुलिस वाले भी जाते थे। होटल संचालक वहां ठहरने वाले लोगों का वीडियो बनाता था। उसने पुलिसवालों का भी वीडियो बना लिया था।
रामसिंह ने पहले भी की थी मारपीट
शिल्पा ने बताया कि 17 मार्च की रात गांव के पास रास्ते में रामसिंह व उसके चार पांच सहयोगियों ने मुझसे व प्रदीप से मारपीट की थी। रामसिंह ने मुझे उठाकर सरसों के खेत में फेंक दिया था। इसके बाद सहजनवां थाने पर तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि हलका हल्का दरोगा ने मामले में विपक्षी से मिलकर मामले में लीपापोती कर दी। अगर पुलिस ने कार्रवाई की होती तो आज प्रदीप जिंदा होते।
शिल्पा ने कहा कि प्रदीप की हत्या के दौरान उसके 13 वर्षीय बेटे प्रियांशु ने हमलावरों देखा है। बेटे ने बताया कि जब हमलावर प्रदीप अंकल पर हमला कर रहे थे तब मुझे देखकर दौड़ा लिए थे। लेकिन प्रियांशु शोर मचाते भाग गया। अब हमलावर से मुझे व बेटे की जान को खतरा है।
खुलकर नहीं बोले ग्रामीण
मामले को लेकर शुक्रवार को भेलउर उर्फ ढड़ौली गांव में दिनभर ग्रामीण चर्चा करते रहे। लेकिन पूछताछ में कोई खुलकर नहीं बोला। हत्या की घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस ने भी बयान लेने की कोशिश की, लेकिन कोई आगे नहीं आया।
महिला की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा: जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी