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Gorakhpur News: मरीजों से नहीं कर पाएंगे वसूली...ओटी में लगेंगे आठ कैमरे
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जिला महिला अस्पताल : सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेंगे डॉक्टर और तीमारदार
गोरखपुर। जिला महिला अस्पताल में पारदर्शिता बढ़ाने और वसूली पर लगाम लगाने के उद्देश्य से अब ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में ले लिया गया है। ओटी के बाहर आठ हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं जो 24 घंटे डॉक्टरों की गतिविधियों और तीमारदारों की आवाजाही पर नजर रखेंगे।
लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ऑपरेशन के दौरान मरीजों से अवैध रूप से धन की मांग की जा रही है। तीमारदारों का आरोप था कि बिना पैसा दिए ऑपरेशन में देरी की जाती है या फिर उन्हें रेफर कर दिया जाता था। सब कुछ ओटी के बाहर ही फिक्स हो जाता था। मांग पूरी होने पर डॉक्टर ऑपरेशन करते थे।
इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए यह फैसला लिया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑपरेशन थिएटर में लगी निगरानी प्रणाली न केवल अवैध वसूली को रोकेगी बल्कि चिकित्सा प्रक्रियाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को भी बढ़ाएगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शोभावती ने बताया कि यह पहल पारदर्शिता बढ़ाने और किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों को रोकने के लिए की गई है। अब हर सर्जिकल प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। अगर कोई शिकायत आती है तो फुटेज की मदद से जांच आसान होगी। मामले की पुष्टि होने पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जा सकेगी।
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गोरखपुर। जिला महिला अस्पताल में पारदर्शिता बढ़ाने और वसूली पर लगाम लगाने के उद्देश्य से अब ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में ले लिया गया है। ओटी के बाहर आठ हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं जो 24 घंटे डॉक्टरों की गतिविधियों और तीमारदारों की आवाजाही पर नजर रखेंगे।
लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ऑपरेशन के दौरान मरीजों से अवैध रूप से धन की मांग की जा रही है। तीमारदारों का आरोप था कि बिना पैसा दिए ऑपरेशन में देरी की जाती है या फिर उन्हें रेफर कर दिया जाता था। सब कुछ ओटी के बाहर ही फिक्स हो जाता था। मांग पूरी होने पर डॉक्टर ऑपरेशन करते थे।
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इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए यह फैसला लिया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑपरेशन थिएटर में लगी निगरानी प्रणाली न केवल अवैध वसूली को रोकेगी बल्कि चिकित्सा प्रक्रियाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को भी बढ़ाएगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शोभावती ने बताया कि यह पहल पारदर्शिता बढ़ाने और किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों को रोकने के लिए की गई है। अब हर सर्जिकल प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। अगर कोई शिकायत आती है तो फुटेज की मदद से जांच आसान होगी। मामले की पुष्टि होने पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जा सकेगी।
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