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लॉकडाउन में इस वजह से गेहूं खरीद में हो रही परेशानी, अब कोटे की दुकानों से मिलेगी मदद
Wed, 06 May 2020 05:20 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 06 May 2020 05:20 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर जिले में गेहूं क्रय के दौरान अब बोरों की किल्लत आने लगी है। लॉकडाउन के कारण कोलकाता से जूट कंपनियों से बोरे नहीं आ पाए। ऐसे में पहले का जो स्टाक पड़ा था उसे गेहूं की खरीद में इस्तेमाल किया गया।
खाद्य और रसद विभाग ने स्थानीय स्तर पर बोरा बनाने वाली फर्मों से संपर्क किया कि प्लास्टिक का बोरा उपलब्ध करा दें लेकिन वहां से भी पर्याप्त मात्रा में बोरा नहीं मि सका। बता दें कि जिले में हर महीने डेढ़ लाख क्विंटल खाद्यान्न सस्ते गल्ले की दुकानों पर भेजा जाता है। जिसमें तीन लाख बोरे शामिल होते हैं।
अब जिलाधिकारी के निर्देश पर कोटेदारों के वहां गोदामों से गए खाद्यान्न वाले बोरे खाली कर भेजे जा रहे हैं। इन बोरों में अब गेहूं की खरीद होगी। डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडे ने बताया कि बोरों को एकत्रित किया जा रहा है जिससे गेहूं की खरीद में कोई दिक्कत ना हो।
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खाद्य और रसद विभाग ने स्थानीय स्तर पर बोरा बनाने वाली फर्मों से संपर्क किया कि प्लास्टिक का बोरा उपलब्ध करा दें लेकिन वहां से भी पर्याप्त मात्रा में बोरा नहीं मि सका। बता दें कि जिले में हर महीने डेढ़ लाख क्विंटल खाद्यान्न सस्ते गल्ले की दुकानों पर भेजा जाता है। जिसमें तीन लाख बोरे शामिल होते हैं।
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अब जिलाधिकारी के निर्देश पर कोटेदारों के वहां गोदामों से गए खाद्यान्न वाले बोरे खाली कर भेजे जा रहे हैं। इन बोरों में अब गेहूं की खरीद होगी। डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडे ने बताया कि बोरों को एकत्रित किया जा रहा है जिससे गेहूं की खरीद में कोई दिक्कत ना हो।
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जिले में इन जगहों पर हो रहा है गोदामों का निर्माण
सहकारी समितियों पर खाद बीज व अन्य सामग्री रखने के लिए गोदामों की आवश्यकता होती है पर बहुत सी ऐसी समितियां है जिनके पास अपना गोदाम नहीं है। ऐसे में ये लोग किराए के गोदाम लेकर काम चलाते हैं।
ऐसे में जिले के 2 ब्लाकों में नए गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। पिपरौली ब्लाक के कालेसर में 100 एम टी क्षमता का पहला गोदाम व दूसरा बांसगांव ब्लाक के विशुनपुर गांव में 100 मीट्रिक टन की क्षमता वाला बन रहा है।
इसका निर्माण राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कराया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य यूपीसीएलडी यस नामक संस्था करा रही है। लॉकडाउन की वजह से इसका काम ठप हो गया था जो अब फिर से शुरू हुआ है।
ऐसे में जिले के 2 ब्लाकों में नए गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। पिपरौली ब्लाक के कालेसर में 100 एम टी क्षमता का पहला गोदाम व दूसरा बांसगांव ब्लाक के विशुनपुर गांव में 100 मीट्रिक टन की क्षमता वाला बन रहा है।
इसका निर्माण राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कराया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य यूपीसीएलडी यस नामक संस्था करा रही है। लॉकडाउन की वजह से इसका काम ठप हो गया था जो अब फिर से शुरू हुआ है।