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गोरखपुर: आज से 88 केंद्रों पर शुरू हुई गेहूं की खरीद, पहली बार खरीदारी का लक्ष्य नहीं है निर्धारित

Thu, 01 Apr 2021 09:26 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 01 Apr 2021 09:26 AM IST
सार

  • 1975 रुपये कुंतल समर्थन मूल्य किए गया है तय

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wheat procurement will start today in Gorakhpur
खरीद के लिए पहुंचा गेंहू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एमएसीपी कानून लागू होने के बाद एक अप्रैल 2021 से पहली बार सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। इसे लेकर एक दिन पहले ही सभी तैयारी पूरी कर ली गई थी। शासन के निर्देश पर पहली बार खरीदारी के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। गेहूं खरीद के लिए 88 क्रय केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर 1975 रुपये प्रति कुंतल समर्थन मूल्य शासन ने निर्धारित किया है।

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जानकारी के मुताबिक जिले में करीब पौने दो लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है। होली के बाद इसकी कटाई भी शुरू हो गई है। गेहूं खरीद के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। इस बार कुल 88 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 27, पीसीएफ के 44, पीसीयू के पांच, यूपीएसएस के नौ, मंडी के दो और भारतीय खाद्य निगम के केंद्र बनाए गए हैं।
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केंद्र सुबह नौ से छह बजे तक खुल जाएंगे। इन केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू हो जाएगी, जो 15 जून तक चलती रहेगी। डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने बताया कि केंद्र खरीद के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अब तक 88 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पारदर्शिता पूर्ण खरीदारी का लक्ष्य है। किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं होगी। क्रय केंद्रों पर पानी और पंखे की व्यवस्था रहेगी। सभी केंद्रों पर नोडल अधिकारी भी बना दिए गए हैं।
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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ रकबा का सत्यापन जरूरी

डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने बताया कि किसान जन सेवा केंद्र या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन कराते समय आधार कार्ड, खतौनी संख्या दर्ज करें। इसके अलावा कुल रकबे या फिर बोये गए रकबे को अंकित करें। संयुक्त भूमि की दशा में अपनी हिस्सेदारी की सही जानकारी रजिस्ट्रेशन में दें।

पंजीकरण के लिए वर्तमान मोबाइल नंबर ही अंकित कराएं। क्योंकि उसी नंबर पर ओटीपी आधारित रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने धान खरीद के लिए पिछले साल रजिस्ट्रेशन कराया था। उन्हें नया रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे किसानों को रजिस्ट्रेशन में संशोधन कर पुन: लॉक करना होगा। इसके लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालना होगा।
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