गोरखपुर में प्रदूषण: पानी का छिड़काव बंद...फिर उठने लगा धूल का गुबार
पैडलेगंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक की सड़क सिक्सलेन बन रही है। सिक्सलेन ओवरब्रिज का भी काम चल रहा है। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे रुस्तमपुर चौराहे के पास ऑटो के इंतजार में खड़े खजनी के राजेश मिश्र ने बताया कि बेतियाहाता के एक अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार को देखने आए थे। अब कुछ जरूरी काम से नौसड़ जाना है।
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गोरखपुर शहर में विकास कार्यों के निमार्णाधीन कार्य स्थलों पर दिवाली के बाद लगातार पानी का छिड़काव होने से प्रदूषण के स्तर में सुधार आया था और हवा कुछ बेहतर हुई थी, लेकिन इधर दो-तीन दिनों से पानी का छिड़काव भी बंद हो गया और कहीं भी कार्यस्थलों पर धूल को रोकने के लिए न तो मानक के अनुसार पर्दा लगाया गया।
ऐसे में सड़कों पर धूल का गुबार फिर उठने लगा है। मंगलवार को निर्माणाधीन पैड़लेगंज-नौसड़ सिक्सलेन पर रुस्तमपुर से ट्रांसपोर्टनगर तक चलना मुश्किल हो गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स पर प्रदूषण का स्तर 135 पहुंच गया जो सोमवार को 115 था।
हृदय, सांस और दमा के रोगियों के लिए यह स्थिति बहुत ही खतरनाक है। डॉक्टरों की राय है कि मास्क जरूर लगाएं और मार्निंग वॉक पर बुजुर्ग व बीमार निकलने से परहेज करें वरना दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
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पैडलेगंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक की सड़क सिक्सलेन बन रही है। सिक्सलेन ओवरब्रिज का भी काम चल रहा है। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे रुस्तमपुर चौराहे के पास ऑटो के इंतजार में खड़े खजनी के राजेश मिश्र ने बताया कि बेतियाहाता के एक अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार को देखने आए थे। अब कुछ जरूरी काम से नौसड़ जाना है। पैदल ही रुस्तमपुर तक आ गए, लेकिन रास्ते में धूल से पट गया। घुटन सी महसूस होने लगी है। गमछा से मुंह ढककर यहां तक पहुंचे हैं।
वहीं, टांसपोर्टनगर के पास जाम में फंसे सुशील का कहना था कि पानी का छिड़काव होने से राहत मिली थी, अब फिर वहीं हालात हो गए हैं। बिल्डिंग मैटेरियल के दुकानदार मोहन ने बताया कि दुकान व घर के अंदर तक धूल की चादर बिछ जा रही है। मजबूरी में हमने दुकान के सामने पर्दा लगा दिया है। एक घंटे बैठने पर धूल से पट जाएंगे।
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मास्क पहनकर ड्यूटी करते हैं ट्रैफिक सिपाही
ट्रांसपोर्ट नगर के पास स्थिति और खराब मिली। निर्माण कार्य के दौरान उड़ रही मिट्टी पर पानी नहीं डाले जाने के चलते धूप होते ही धूल उड़ने लगी। वाहनों के धुएं और धूल से बचने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे पर ड्यूटी करने वाले ट्रैफिक सिपाही मुंह पर मास्क पहने हुए थे।
फिराक चौराहे से पैडलेगंज तक भी नहीं लगाया पर्दा
शहर के भीतर पैडलेगंज चौराहे से छात्रसंघ चौराहा होते हुए फिराक चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसके लिए दोनों तरफ नाला निर्माण के अलावा मिट्टी भरी जा रही है। मूंगलफली बेचने वाले बिरजू चौहान ने बताया कि नाला के लिए जमीन की खोदाई और मिट्टी भराई के चलते धूल उड़ने की वजह से अब बहुत कम ग्राहक इधर आ रहे हैं।
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लोग बोले
पहले सड़क निर्माण और अब ओवरब्रिज निर्माण के चलते खूब धूल उड़ रही है, उससे कारोबार चौपट हो गया है। राहगीर इसलिए हमारे होटल नहीं आते कि धूल के चलते बरामदा भी गंदा दिखता है। आगे प्लास्टिक का पर्दा लगाया है, खुद पानी का छिड़काव करता हूं।-सुरेश कुमार, मां वैष्णो भोजनालय, महेवा मंडी।
धूल के चलते कारोबार प्रभावित हो गया है। लोग एक तो यहां रुकना नहीं चाहते। अगर कोई रुकता है तो दुकान में धूल देखकर वापस लौटने लगता है। हम दिन में दो से तीन बार सफाई कराते हैं। धूल के चलते अक्सर गले में खराश होने लगी है। अभी पता नहीं कितने दिन धूल फांकनी पड़ेगी।-संतोष कुमार शाह, कुमार मोटर्स-ट्रांसपोर्ट नगर