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Exclusive: एक साल से खिलाड़ियों का इंतजार कर रहा है वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, बेकार साबित हो रहा खेल परिसर
Tue, 03 Jan 2023 01:22 PM IST
vivek shukla
अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 03 Jan 2023 01:22 PM IST
सार
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का कार्य करने वाले कार्यदायी संस्था के लंबित भुगतान की प्रक्रिया गतिमान है। जल्द ही इसे पूरा कराकर कांप्लेक्स को हैंडओवर कराया जाएगा। अप्रैल में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन होना है। इसे ध्यान में रखकर कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जा रहा है।
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वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से रामगढ़ताल के पास बने प्रदेश के पहले अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का एक साल पहले उद्घाटन तो हो गया, लेकिन खेल गतिविधि शुरू नहीं हो पाई। शिलान्यास से लेकर लोकार्पण तक में दावे तमाम तरह के किए गए, मगर क्रियान्वयन नहीं होने से एक भी साकार नहीं हो सके। कई औपचारिकताओं में उलझा यह कांप्लेक्स बेकार साबित हो रहा है।
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रामगढ़ताल को पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स का केंद्र बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साल 2018 में वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण की घोषणा की। इसी के साथ ही इसका निर्माण शुरू भी हो गया। कोरोना के कारण निर्माण में देरी हुई।
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हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 दिसंबर 2021 को कांप्लेक्स का लोकार्पण कर दिया। कायदे से इसके बाद यहां पर खेल गतिविधियां आरंभ हो जानी चाहिए थीं। हकीकत यह है कि एक साल बाद भी एक भी खेल गतिविधि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि बजट के अभाव में वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में कुछ काम अधूरे रह गए हैं। यही वजह है कि लोकार्पण के बावजूद कांप्लेक्स को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। इस तरह कुछ काम अधूरे रह जाने की वजह से पूरे हुए काम भी बेकार हो रहे हैं।
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वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में हो रही थीं शादियां
वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में पानी से जुड़े खेलों के संचालन के लिए पर्यटन विभाग ने पिछले साल टेंडर जारी किया था। 1.50 करोड़ रुपये में निषाद नौकायन विकास समिति को टेंडर मिला। विभिन्न खेलों के लिए पंजीकरण शुरू किया गया। लेकिन अभी तक पर्यटन विभाग और समिति के बीच अनुबंध नहीं हो सका है। खेल तो शुरू नहीं हुए, लेकिन वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का इस्तेमाल शादियों के लिए किया जाने लगा।
पांच एकड़ में फैला है कांप्लेक्स परिसर
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स परिसर पांच एकड़ में फैला है। भवन में पार्किंग व अन्य कार्यों के लिए 1830 वर्ग मीटर का बेसमेंट है। 2115 वर्ग मीटर का भूतल, 1562 वर्ग मीटर प्रथम और 1327 वर्ग मीटर का द्वितीय तल है। कांप्लेक्स को 610 मीटर लंबी चहारदीवारी से घेरा गया है। प्रवेश के लिए तीन गेट बनाए गए हैं।
इन खेल गतिविधियों को होना है
वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण पर 44.75 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। प्लेयर डॉरमेट्री, फर्स्ट एड सेंटर, स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, वाटर डेक, चेंजिंग रूम, जिम, रोविंग, स्कीईंग, पैरा ग्लाइडिंग, वाटर स्कूटर, सी स्कूटर, कैफेटेरिया, चार से 20 सीटर बोट, बनाना बोट, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेट्टी, कांच की चहारदीवारी वाला फ्लोटिंग रेस्तरां, कैफेटेरिया, वेटिंग रूम आदि की सुविधा विकसित की गई है। हालांकि बजट के अभाव में अब भी कुछ कार्य शेष रह गए हैं।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का कार्य करने वाले कार्यदायी संस्था के लंबित भुगतान की प्रक्रिया गतिमान है। जल्द ही इसे पूरा कराकर कांप्लेक्स को हैंडओवर कराया जाएगा। अप्रैल में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन होना है। इसे ध्यान में रखकर कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जा रहा है।
सचिव निषाद नौकायन विकास समिति राधेश्याम निषाद ने कहा कि कार्यदायी संस्था की ओर से वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स को संपूर्ण तरीके से हैंडओवर नहीं किया गया है। जिस वजह से संचालित होने वाली गतिविधियों को शुरू नहीं किया जा सका है। शासन स्तर से समस्या को दूर कराने का प्रयास कराया जा रहा है। जल्द ही इसे पूर्ण रूप से संचालित किया जाएगा।
पांच एकड़ में फैला है कांप्लेक्स परिसर
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स परिसर पांच एकड़ में फैला है। भवन में पार्किंग व अन्य कार्यों के लिए 1830 वर्ग मीटर का बेसमेंट है। 2115 वर्ग मीटर का भूतल, 1562 वर्ग मीटर प्रथम और 1327 वर्ग मीटर का द्वितीय तल है। कांप्लेक्स को 610 मीटर लंबी चहारदीवारी से घेरा गया है। प्रवेश के लिए तीन गेट बनाए गए हैं।
इन खेल गतिविधियों को होना है
वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण पर 44.75 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। प्लेयर डॉरमेट्री, फर्स्ट एड सेंटर, स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, वाटर डेक, चेंजिंग रूम, जिम, रोविंग, स्कीईंग, पैरा ग्लाइडिंग, वाटर स्कूटर, सी स्कूटर, कैफेटेरिया, चार से 20 सीटर बोट, बनाना बोट, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेट्टी, कांच की चहारदीवारी वाला फ्लोटिंग रेस्तरां, कैफेटेरिया, वेटिंग रूम आदि की सुविधा विकसित की गई है। हालांकि बजट के अभाव में अब भी कुछ कार्य शेष रह गए हैं।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का कार्य करने वाले कार्यदायी संस्था के लंबित भुगतान की प्रक्रिया गतिमान है। जल्द ही इसे पूरा कराकर कांप्लेक्स को हैंडओवर कराया जाएगा। अप्रैल में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन होना है। इसे ध्यान में रखकर कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जा रहा है।
सचिव निषाद नौकायन विकास समिति राधेश्याम निषाद ने कहा कि कार्यदायी संस्था की ओर से वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स को संपूर्ण तरीके से हैंडओवर नहीं किया गया है। जिस वजह से संचालित होने वाली गतिविधियों को शुरू नहीं किया जा सका है। शासन स्तर से समस्या को दूर कराने का प्रयास कराया जा रहा है। जल्द ही इसे पूर्ण रूप से संचालित किया जाएगा।