{"_id":"61e26c5a5477c220b21a7524","slug":"water-coming-out-of-vehicle-agency-in-investigation","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: जांच में गाड़ी एजेंसी से निकलने वाला पानी पाया गया प्रदूषित, पीसीबी ने दिया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: जांच में गाड़ी एजेंसी से निकलने वाला पानी पाया गया प्रदूषित, पीसीबी ने दिया नोटिस
Sat, 15 Jan 2022 12:13 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 15 Jan 2022 12:13 PM IST
सार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निरीक्षण में बंद ईटीपी मिला, एजेंसी से बाहर प्रदूषित पानी गिर रहा था। गाड़ी एजेंसी मालिक का दावा है कि लगातार ईटीपी चलती है। उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है।
विज्ञापन
गाड़ी एजेंसी के पास रामगढ़ ताल में फैली गंदगी।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नमूनों की जांच में एजेंसी से बाहर निकलने वाला पानी प्रदूषित मिलने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने मोहद्दीपुर स्थित गाड़ी की एजेंसी एवं सर्विस सेंटर स्मार्ट व्हील्स पर सख्ती की है। बोर्ड ने एजेंसी मालिक विक्रम सर्राफ को नोटिस देकर चेताया है कि गड़बड़ियां दुरुस्त नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी मालिक ने नोटिस का जवाब, राज्य मुख्यालय को भेज दिया है। दो दिन में वहां से रिपोर्ट आ जाएगी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। वहीं एजेंसी मालिक का दावा है कि उनके वहां कोई गड़बड़ी नहीं है। पानी शोधन करने लिए स्थापित ईटीपी (एफ्यूलिएंट ट्रीटमेंट प्लांट) निरंतर संचालित रहता है। सबसे बड़ी बात की बोर्ड की तरफ से स्थानीय स्तर पर उन्हें कोई नोटिस ही नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
मोहद्दीपुर स्थित स्मार्ट व्हील्स के खिलाफ, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत हुई थी कि एजेंसी में सर्विसिंग के दौरान गाड़ियों से निकलने वाला खतरनाक कचरा सीधे रामगढ़ ताल में गिरता है। इसपर बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव के नेतृत्व में टीम ने आठ सितंबर 2021 को एजेंसी का निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक निरीक्षण के दौरान ईटीपी बंद पाया गया था और एजेंसी का पानी सीधे बाहर गिर रहा था। इस पर बाहर गिरने वाले पानी का नमूना लिया गया। जांच में पानी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय मानक के अनुसार नहीं मिला। यानी प्रदूषित मिला। इसपर एजेंसी के मालिक को नोटिस देकर यह चेतावनी दी गई थी कि इकाई से निकलने वाले अशुद्ध पानी का शोधन नहीं किया गया तो इकाई के खिलाफ निर्धारित अधिनियमों के तहत दंडात्मक/ अभियोजनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए राज्य बोर्ड मुख्यालय लखनऊ को संस्तुति की जाएगी।