फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Vinay Shankar Tiwari two and a half acre land seized in Gorakhpur

UP News: गोरखपुर में विनय शंकर तिवारी की ढाई एकड़ जमीन जब्त, गारंटी के तौर पर रखी थी बंधक

Sat, 18 Nov 2023 10:39 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 18 Nov 2023 10:39 AM IST
सार

मैसर्स गंगोत्री इंटरप्राइजेज लिमिटेड की तरफ से गोरखपुर आईडीबीआई बैंक से 115.36 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था। साथ ही 101.07 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी दी गई। दोनों रकम 216.43 करोड़ रुपये बनती है। आईडीबीआई बैंक लिमिटेड की तरफ से ऋण वसूली के प्रयास भी किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

विज्ञापन
Vinay Shankar Tiwari two and a half acre land seized in Gorakhpur
विनय शंकर तिवारी। फाइल फोटो - फोटो : fb @vinay shankar tiwari

विस्तार

चिल्लूपार के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की ईडी द्वारा जब्त की गई 72.08 करोड़ रुपये की संपत्ति में से गोरखपुर के लच्छीपुर में स्थित करीब ढाई एकड़ संपत्ति भी शामिल है। यह संपत्ति करीब 25 करोड़ के बकाये के एवज में जब्त की गई है।

विज्ञापन


दरअसल, बैंक से कर्ज लेकर हड़पने के मामले में चार साल पहले ही वसूली की प्रक्रिया चल रही है। तब बैंक ने डेबिट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) का दरवाजा खटखटाया, फिर 25,75,22,744 रुपये (25 करोड़ 75 लाख 22 हजार 744 रुपये) के एक मामले में 19 जून 2019 को सम्मन जारी करके नीलामी की तारीख तय कर दी गई।
विज्ञापन


इस मामले में बैंक से 13,42, 88, 800 रुपये ऋण लिया गया था। लेकिन, बाद में प्रक्रिया पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी की खराब सेहत की वजह से सुस्त पड़ गई और नीलामी नहीं हो पाई। फिर इस पूरे प्रकरण की जांच ईडी ने शुरू कर दी, जिसके बाद जब्ती की कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: एक्शन में पुलिस: गोरखपुर में स्मैक माफिया मंजू और उसके बेटों की 25 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कसा शिकंजा

Trending Videos

बताया जाता है कि मैसर्स गंगोत्री इंटरप्राइजेज लिमिटेड की तरफ से गोरखपुर आईडीबीआई बैंक से 115.36 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था। साथ ही 101.07 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी दी गई। दोनों रकम 216.43 करोड़ रुपये बनती है। आईडीबीआई बैंक लिमिटेड की तरफ से ऋण वसूली के प्रयास भी किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। 10 जून 2011 को मैसर्स गंगोत्री इंटरप्राइजेज लिमिटेड की तरफ से 20 करोड़ रुपये का एक बैंक खाता बंद करा दिया गया।

इसे भी पढ़ें: प्रयागराज-वाराणसी की बसें अब नौसड़ से चलेंगी, हटेंगे कई ऑटो स्टैंड

नीलामी के लिए दस जुलाई 2019 को आईडीबीआई बैंक लिमिटेड की तरफ से समन जारी किया गया। बैंक ऋण के एक मामले में 1 जून 2019 तक 25,75,22744 रुपये (25 करोड़ 75 लाख 22 हजार 744 रुपये) की देनदारी बनी।

इसे भी पढ़ें: प्रेमिका पर फेंका तेजाब: युवती की शादी तय होने से था नाराज प्रेमी, पुलिस ने मुठभेड़ में दो को किया गिरफ्तार

इसे वसूलने के लिए सदर तहसील के लच्छीपुर गांव स्थित प्लाट नंबर 183, खाता नंबर 2777 की 0.290 हेक्टेयर और 0.871 हेक्टेयर भूमि की नीलामी होनी थी। लेकिन, नीलामी की प्रक्रिया नहीं हो पाई। अब चार साल बाद शुक्रवार को ईडी ने कार्रवाई कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed