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Gorakhpur News: रिंग रोड के मुआवजे को लेकर आज डीएम से मिलेंगे ग्रामीण
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- जंगल कौड़िया- जगदीशपुर फोरलेन को लेकर मुआवजे पर अटकी बात
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड की जद में आने वाली किसानों की जमीन के मुआवजे को लेकर मामला उलझता जा रहा है। अब 26 गांवों के किसानों ने बृहस्पतिवार सुबह डीएम से मुलाकात का फैसला लिया है। इसके पहले भी किसान मुआवजा को लेकर डीएम से मुलाकात कर चुके हैं। अब एक बार फिर किसान अपनी मांग को लेकर डीएम दफ्तर पर हुंकार भरेंगे।
जानकारी के मुताबिक, रिंग रोड के निर्माण के लिए सहमति के आधार पर जमीन का अधिग्रहण होना है। लेकिन, अधिगृहीत करने के लिए जा रहे एसएलओ (भूमि अध्याप्ति अधिकारी) और एनएचएआई के अधिकारियों और कर्मचारियों को हर जगह विरोध झेलना पड़ रहा है। कहीं भी किसान जमीन देने को तैयार नहीं हैं। किसानों की शिकायत है कि सात साल पहले 2016 के सर्किल रेट के मुताबिक मुआवजा दिया जा रहा है, जो बहुत कम है। इस दर पर अपनी जमीन नहीं देंगे। किसानों का कहना है कि अभी चार से पांच लाख रुपये प्रति डिसमिल भूमि बिक रही है। जबकि, सरकार की ओर से अधिकारी सिर्फ 68 हजार रुपये देना चाहते हैं। 2016 के सर्किल रेट पर हम लोग अपनी जमीन कतई नहीं देंगे। किसान इसी मांग को लेकर एक बार फिर डीएम से मुलाकात कर अपनी मांग पत्र देंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड की जद में आने वाली किसानों की जमीन के मुआवजे को लेकर मामला उलझता जा रहा है। अब 26 गांवों के किसानों ने बृहस्पतिवार सुबह डीएम से मुलाकात का फैसला लिया है। इसके पहले भी किसान मुआवजा को लेकर डीएम से मुलाकात कर चुके हैं। अब एक बार फिर किसान अपनी मांग को लेकर डीएम दफ्तर पर हुंकार भरेंगे।
जानकारी के मुताबिक, रिंग रोड के निर्माण के लिए सहमति के आधार पर जमीन का अधिग्रहण होना है। लेकिन, अधिगृहीत करने के लिए जा रहे एसएलओ (भूमि अध्याप्ति अधिकारी) और एनएचएआई के अधिकारियों और कर्मचारियों को हर जगह विरोध झेलना पड़ रहा है। कहीं भी किसान जमीन देने को तैयार नहीं हैं। किसानों की शिकायत है कि सात साल पहले 2016 के सर्किल रेट के मुताबिक मुआवजा दिया जा रहा है, जो बहुत कम है। इस दर पर अपनी जमीन नहीं देंगे। किसानों का कहना है कि अभी चार से पांच लाख रुपये प्रति डिसमिल भूमि बिक रही है। जबकि, सरकार की ओर से अधिकारी सिर्फ 68 हजार रुपये देना चाहते हैं। 2016 के सर्किल रेट पर हम लोग अपनी जमीन कतई नहीं देंगे। किसान इसी मांग को लेकर एक बार फिर डीएम से मुलाकात कर अपनी मांग पत्र देंगे।
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