फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Vidya Parishad meeting concluded, many important decisions taken

Gorakhpur News: डीडीयू में तीन संस्थानों की स्थापना को मंजूरी

Tue, 02 Jun 2026 02:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:40 AM IST
विज्ञापन
Vidya Parishad meeting concluded, many important decisions taken
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर की कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में सोमवार को विद्या परिषद की बैठक आयोजित की गई। इसमें कैंपस में तीन नए संस्थानों की स्थापना को स्वीकृति मिल गई। कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
विज्ञापन

विद्या परिषद ने रोजगारोन्मुख एवं समकालीन शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया, फिल्म एंड कम्युनिकेशन (आईएमएफसी) की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही इंस्टीट्यूट ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस की स्थापना का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बीलिबआईएससी (बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस) एवं एमलिबआईएससी (मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस) पाठ्यक्रमों के संचालन का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विद्यार्थियों को आधुनिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में परिषद ने इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस की स्थापना का निर्णय लिया। इसमे तहत एमएससी फॉरेंसिक साइंस पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विद्या परिषद ने मनोविज्ञान विषय में स्नातक/स्नातकोत्तर स्तर पर चार वर्षीय सेमेस्टर प्रणाली पाठ्यक्रम संचालित किए जाने को भी स्वीकृति प्रदान की। सत्र 2026-27 से ही बीएससी बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम को विषय के रूप में संचालित किए जाने की अनुमति प्रदान की गई। इसके अलावा सत्र 2022-23 में पार्ट टाइम पीएचडी में प्रवेश लेने वाले शोधार्थियों की न्यूनतम आवासीय अवधि चार वर्ष से घटाकर तीन वर्ष किए जाने को भी मंजूरी मिल गई।
पीएचडी का सत्र पूरे एक वर्ष की देरी से संचालित हो रहा है। इस तरह इस निर्णय से पार्ट टाइम पीएचडी कर रहे नौकरीपेशा शोधार्थियों को शोध पूर्ण हो जाने पर इसी वर्ष उपाधि मिल जाएगी। कुलपति ने कहा कि इन निर्णयों से छात्रों को बड़ा फायदा होगा।



सीए अब सीधे कर सकेंगे पीएचडी
वाणिज्य संकाय की ओर से प्रस्तावित सीए के सर्टिफिकेट को विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय की स्नातकोत्तर डिग्री के समकक्ष मान लिया गया है। इस समकक्षता के फलस्वरूप अब सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए विश्वविद्यालय से सीधे पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने और शोध कार्य करने का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed