फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Used to deceive by pretending to be PCS officer cheated of Rs 2 crore in Gorakhpur

जालसाजी में दंपती गिरफ्तार: पीसीएस अफसर बताकर लेते थे झांसे में... गोरखपुर में की थी दो करोड़ की ठगी

Tue, 21 Nov 2023 01:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 21 Nov 2023 01:22 PM IST
सार

अंडिला गांव निवासी राजीव तिवारी व उसकी पत्नी शिप्रा तिवारी गोरखपुर में रहते हैं। आरोप है कि इन लोगों ने पीसीएस अधिकारी व ऊपरी पहुंच वाला बताकर कई लोगों क से गोरखपुर एम्स और अस्पताल में पार्किंग, कैंटीन और को दुकान का ठेका दिलाने के नाम पर कइयों से करोड़ों रुपये की ठगी की।

विज्ञापन
Used to deceive by pretending to be PCS officer cheated of Rs 2 crore in Gorakhpur
आरोपी राजीव तिवारी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देवरिया में गिरफ्तार किए गए राजीव तिवारी व शिप्रा तिवारी ने गोरखपुर के युवाओं से दो करोड़ रुपये की ठगी की है। लोगों को झांसे में लेने के लिए शिप्रा पति राजीव को पीसीएस अधिकारी बताती थी। साथ ही यह भी कहती थी कि वे सीएम योगी के करीबी हैं। गोरखनाथ मंदिर के एक पदाधिकारी के रिश्तेदार हैं। उन्हीं की मदद से ठेका दिलवा देंगे।
विज्ञापन


जालसाज दंपती ने एम्स के कैंटीन, दवा की दुकान और पार्किंग का ठेका दिलाने के नाम पर ठगी की थी। पहला मामला गोरखनाथ इलाके में 34 लाख रुपये जालसाजी का आया था। इसके बाद कई केस दर्ज किए गए। कैंट पुलिस ने आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की थी।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, ठगी के शिकार बेलीपार निवासी महेंद्र नाथ गुप्ता ने पहला केस दर्ज कराया था। उसने बताया कि जोखन गुप्ता के जरिए उनकी मुलाकात चिलुआताल के गायत्रीपुरम निवासी राजीव तिवारी से हुई। राजीव ने उनसे बताया कि वह पीसीएस अधिकारी है। गोरखनाथ मंदिर का कामकाज देखने वाले एक पदाधिकारी के रिश्तेदार भी है। जल्द ही उसकी पोस्टिंग गोरखपुर में नगर आयुक्त के पद पर हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: गीता के उपदेशों से मजबूत करेंगे चीन की संस्कृति, गोरक्षनाथ मंदिर में देखी छठ महापर्व की महत्ता

इससे महेंद्र को राजीव की बात पर भरोसा हो गया। महेंद्र ने बताया कि वह व्यापार करने के लिए जगह की तलाश कर रहे थे। यह जानने के बाद राजीव तिवारी ने बताया कि एम्स का एक अस्पताल बन रहा है और निदेशक उसके साढ़ू हैं। इसलिए वह महेंद्र को एम्स के कैंटीन, दवा की दुकान और पार्किंग का ठेका दिला देगा। इसके लिए राजीव ने महेंद्र से 34 लाख रुपए मांगे। महेंद्र ने जमीन बेचकर कई बार में खाते में आरटीजीएस, नकद मिलाकर कुल 34 लाख रुपए दे दिए।

बाद में जालसाजी की जानकारी होने पर महेंद्र ने रकम वापस मांगी। इसके बाद राजीव ने स्टांप पर लिखकर वादा किया कि वह रकम लौटा देगा। उसने एक चेक भी दिया, लेकिन वह बाउंस हो गया। इसके बाद महेंद्रनाथ गुप्ता की शिकायत पर कैंट पुलिस ने चिलुआताल के गायत्रीपुरम निवासी राजीव तिवारी और उसकी पत्नी शिप्रा तिवारी पर केस दर्ज किया। इसके बाद कई और मामले सामने आए और पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर का वीडियो वायरल: सहेली का कमेंट लगा नागवार, नौका विहार पर जूतम-पैजार
 

पहले भी एम्स में नौकरी के नाम पर हुई है जालसाजी
  • 18 जनवरी 2023 : कुशीनगर जिले के हनुमानगंज, छितौनी वार्ड नंबर सात निवासी प्रमोद उपाध्याय ने बेलीपार के कनइल गांव निवासी राजेश शुक्ल ने एम्स में नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाजी करने का केस दर्ज कराया। आरोपी जेल भेजा गया।
  • 09 जनवरी 2023 : कैंट पुलिस ने एम्स में नौकरी के नाम पर 17 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी को जेल भेजा था। आरोपी ने महराजगंज के फरेंदा के सेखुई निवासी कन्हई प्रसाद से रुपये लेकर फर्जी नियुक्तिपत्र भी दिया था।
  • 21 फरवरी 2023 : गुलरिहा थाना क्षेत्र के बिस्टौली निवासी सुनेसर ने सीएम से जनता दरबार में शिकायत की थी। बताया था कि चिलुआताल क्षेत्र में रहने वाली उसकी बहन हेवंती देवी मेडिकल कॉलेज में सफाईकर्मी है। उसने तीन लोगों के साथ एम्स में नौकरी के नाम पर जालसाजी की।
  • 20 अप्रैल 2023 : पीपीगंज निवासी वीरेंद्र व दुर्गेश सहित छह युवकों ने कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के राखुखोर निवासी रहमान पर केस दर्ज कराया। आरोप है कि एम्स में नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लिए गए और फर्जी नियुक्तिपत्र थमा दिया गया।
  • 02 सितंबर 2021 : धर्मपुर के त्रिभुवन नाथ ने एम्स में नौकरी के नाम पर जालसाजी करने के आरोपी दंपती पर केस दर्ज कराया। इन दोनों ने रुपये लेकर लौटाने से मना कर दिया था। पुलिस ने कार्रवाई की।
  • 30 जुलाई 2022 : एम्स में नौकरी के नाम पर 35 लोगों से 70 लाख रुपये की जालसाजी करने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। महिलाओं ने सभी को नर्स व दाई की नौकरी दिलाने का वादा किया था।
  • 02 दिसंबर 2022 : खोराबार निवासी सरिता ने एम्स में नौकरी के नाम पर जालसाजी का केस दर्ज कराया। जांच में सामने आया कि 50 से अधिक लोगों से 19 लाख रुपये की ठगी की गई।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में सामूहिक दुष्कर्म: गांव वालों में गुस्सा...पुलिस तैनात; कुछ लोग दबाने में लगे थे मामला

विदेश भेजने के नाम पर युवकों से सात लाख की ठगी

रसिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर गुलरिहा क्षेत्र के आठ बेरोजगार युवकों से ठगी का मामला सामने आया है। मुंबई के एक ऑफिस मैनेजर एवं उसके कर्मचारियों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोप है कि विदेश भेजने के लिए टूरिस्ट वीजा और कैंसिल टिकट देकर आरोपी 6.96 लाख हड़प लिए और ऑफिस में ताला लगाकर फरार हो गए।

इसे भी पढ़ें: एम्स में ठेका दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दंपती गिरफ्तार, एसओजी टीम ने की कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, गुलरिहा के खुटहन खास निवासी रामअशीष ठगी का शिकार होने पर एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिए। उसका आरोप है कि मुंबई में ग्लोबल जेटलाइन हालिडे नामक कंपनी ने अपने कार्यकाल के माध्यम से विज्ञापन निकाला कि इंडो ग्लोबल प्राइवेट किर्गिस्तान में रोजगार के लिए पद खाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed