Gorakhpur News: दुष्कर्म के फर्जी केस में फंसाकर वसूलते थे रंगदारी, गिरोह का सरगना गिरफ्तार
फर्जी दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल जा चुके इम्तियाज आज भी विकास का नाम सुनकर सिहर जाते हैं। कहते हैं- जेल का वह मंजर नहीं भूल सकता। जो गलती की ही नहीं, उसमें जेल जाना पड़ा। दूसरा बदनामी भी हुई। ऐसे मामलों में कोई यकीन नहीं करता है कि आप सच ही हैं। हम लोगों ने भी आस छोड़ दी थी।
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दुष्कर्म का फर्जी मामला दर्ज कराकर लोगों से ठगी और रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के सरगना विकास कुमार सिन्हा को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मुकदमों को हथियार बना लिया था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह में दो महिलाएं शामिल हैं। इसमें से एक महिला ने अपनी बेटी को भी गिरोह के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है।
आरोपी को बृहस्पतिवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब पुलिस ने महिलाओं और अन्य लोगों की भूमिकाओं की जांच तेज कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने ठगी के शिकार लोगों को न सिर्फ घुड़की दी, बल्कि एक व्यापारी को दो बार जेल भी भिजवा दिया। सरगना विकास पहले केस दर्ज कराता था और बाद में उसे खत्म कराने के नाम पर भी रंगदारी वसूलता था। पकड़ा गया आरोपी विकास कुमार सिन्हा बिहार के मोतीहारी का मूल निवासी है और वर्तमान में जंगल सालिकराम शिवपुर साहबाजगंज में किराये के मकान में रहता है।
पुलिस लाइंस में बृहस्पतिवार को गिरोह के बारे में जानकारी देते हुए एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई व एएसपी मानुष पारिक ने बताया कि विकास कुमार सिन्हा पादरी बाजार स्थित एक नर्सिंग होम में प्रबंधक था। इसी के जरिए वह दवा के कारोबार में भी घुस गया। इस दौरान उसकी जान-पहचान कई व्यापारियों से हो गई।
उसने व्यापारी संजय अग्रवाल से छह लाख रुपये व एक एसी, प्रवीन प्रकाश से आठ लाख रुपये व एसी, अमित सिंह से पांच लाख रुपये, अमृत से 22 लाख रुपये, संजीव पांडेय से छह लाख, आलोक श्रीवास्तव से छह लाख, इम्तियाज से दस लाख रुपये की ठगी की।
पुलिस के मुताबिक, उसने कई अन्य लोगों को हॉस्पिटल में शेयर देने का वादा किया। दरअसल सरगना विकास, प्रबंधक से होटल मालिक बनना चाहता था, इसके लिए उसने ठगी का जाल बिछाया। करीब एक करोड़ से अधिक की ठगी करने के बाद उसने एक अस्पताल भी खोला, लेकिन वह संचालित नहीं हो सका। इसके बाद व्यापार के लिए रुपये लगाने वाले व्यापारी उससे रकम वापस मांगने लगे। यहीं से उसने गिरोह बनाकर लोगों से ठगी और रंगदारी वसूलने की शुरुआत की।
उसने एक महिला की मदद से चिलुआताल थाने में इम्तियाज के ऊपर पॉक्सो, फिर महिला की मदद से गोरखनाथ थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। पुलिस ने बयान के आधार पर दोनों ही मामलों में इम्तियाज को जेल भिजवा दिया। जमानत पर बाहर आकर इम्तियाज ने सच्चाई बतानी चाही, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इसके बाद उसने साथी व्यापारियों से बातचीत की तो पता चला कि उनके साथ भी इसी तरह से ठगी की है।
बकाया रकम मांगी तो दर्ज करा दिया दुष्कर्म का केस
पीड़ित इम्तियाज की पत्नी ने एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई को प्रार्थना पत्र देकर गिरोह के संचालित होने का आरोप लगाया। उसने बताया कि व्यापार के लिए रुपये लेकर विकास कुमार सिन्हा ने हड़प लिया है। इसका केस भी शाहपुर थाने में दर्ज किया गया था। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी मानुष पारिक को जांच सौंप दी।
एएसपी ने जांच शुरू की तो पता चला कि जिन छह लोगों ने विकास सिन्हा पर रुपये हड़पने का केस दर्ज कराया है, उन्हें ही वह गिरोह की महिलाओं की मदद से शिकार बना रहा है। उसके खिलाफ फर्जी केस दर्ज कराता है और फिर बकाए रुपये न मांगने की घुड़की के साथ फिर से रंगदारी मांगता है।
मामला संगीन होने की वजह से लोग लोकलज्जा में रुपये दे भी देते हैं। एएसपी की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद सभी पीड़ितों की तहरीर पर शाहपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने सभी पर रंगदारी, जालसाजी, ठगी का केस दर्ज किया और सरगना को दबोचा है।
रुपये के बंटवारे के विवाद में बन गया था कुकर्म का अभियुक्त
नहीं भूल सकता है जेल का वह मंजर
फर्जी दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल जा चुके इम्तियाज आज भी विकास का नाम सुनकर सिहर जाते हैं। कहते हैं- जेल का वह मंजर नहीं भूल सकता। जो गलती की ही नहीं, उसमें जेल जाना पड़ा। दूसरा बदनामी भी हुई।
ऐसे मामलों में कोई यकीन नहीं करता है कि आप सच ही हैं। हम लोगों ने भी आस छोड़ दी थी। पुलिस को बताया कि पत्नी की हिम्मत की वजह से उसे इंसाफ मिल सका है। अगर, घरवाले उस पर यकीन नहीं करते तो शायद आज भी दोषी ही माना जाता। आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।