{"_id":"650bd7946395b71fcb09829e","slug":"use-of-new-technology-of-anesthesia-in-aiims-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-312100-2023-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: एम्स में एनेस्थीसिया की नई तकनीक का प्रयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: एम्स में एनेस्थीसिया की नई तकनीक का प्रयोग
Thu, 21 Sep 2023 11:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 21 Sep 2023 11:11 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। एम्स में एनेस्थसिया की नई तकनीक का प्रयोग पहली बार किया गया। एक युवक की कोहनी की सर्जरी के पूर्व डॉक्टरों ने नई तकनीक से केवल उसी हाथ को सुन्न किया, जिसमें सर्जरी करनी थी। यह सर्जरी पांच घंटे चली।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण पांडेय ने बताया कि इस तकनीक में अल्ट्रासाउंड से नस पता करके उसमें दवा डाली जाती है। वहां सुई छोड़ दी जाती है। ताकि जरूरत पड़ने पर दोबारा दवा डाली जा सके। एम्स के डॉक्टरों की टीम में डॉ. सुहास मल्ल, डॉ. अंकिता और डॉ. विजेता शामिल रहीं। संवाद
विज्ञापन
गोरखपुर। एम्स में एनेस्थसिया की नई तकनीक का प्रयोग पहली बार किया गया। एक युवक की कोहनी की सर्जरी के पूर्व डॉक्टरों ने नई तकनीक से केवल उसी हाथ को सुन्न किया, जिसमें सर्जरी करनी थी। यह सर्जरी पांच घंटे चली।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण पांडेय ने बताया कि इस तकनीक में अल्ट्रासाउंड से नस पता करके उसमें दवा डाली जाती है। वहां सुई छोड़ दी जाती है। ताकि जरूरत पड़ने पर दोबारा दवा डाली जा सके। एम्स के डॉक्टरों की टीम में डॉ. सुहास मल्ल, डॉ. अंकिता और डॉ. विजेता शामिल रहीं। संवाद
विज्ञापन