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Gorakhpur News: निजी हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, बिना डिग्री का इलाज करने का आरोप
Thu, 05 Jan 2023 11:38 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 05 Jan 2023 11:38 AM IST
सार
सत्यम हॉस्पिटल के संचालक रंजीत निषाद ने कहा कि ब्लीडिंग व पेट में दर्द की शिकायत पर महिला को भर्ती किया गया। रक्तस्राव रोकने के लिए इंजेक्शन दिया गया। बुधवार सुबह में हार्टबीट तेजी से चलने पर गोरखपुर ले जाने का सलाह दी। आधे घंटे तक उसे गाड़ी नहीं मिली तब अपनी गाड़ी से ले गए। पति का सारा आरोप गलत है।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गोरखपुर जिले के गुलरिहा इलाके के भटहट कस्बे में सत्यम हॉस्पिटल में बुधवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों ने संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। आरोप है कि बिना डिग्री के संचालक के इलाज से मौत हुई और फिर जबरन संचालक अपने कार से दूसरे निजी अस्पताल पहुंचा दिया। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक, गुलरिहा थाना क्षेत्र के जैनपुर गांव के गाजीपुर निवासी रामबदन ने पत्नी सोनवत के पेट में दर्द होने की शिकायत पर मंगलवार को भर्ती कराया था। पति का कहना है कि वहां के डॉक्टरों ने कहां चिंता की कोई बात नहीं है, बताते हुए भर्ती करके चले गए।
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पति का आरोप है कि बुधवार की भोर में चार बजे पत्नी की हालत गंभीर होने पर संचालक जबरदस्ती ऑपरेशन थियेटर में घुसाकर पति को थक्का देकर बाहर निकाला दिया। आधे घंटे बाद संचालक अपने निजी कार में महिला को लाद कर पति को भी जबरदस्ती बैठा लिया और बताया कि उसकी पत्नी गंभीर है।
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खजांची के पास निजी अस्पताल में ले गए, वहां के चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि डॉक्टरों की अनुपस्थिति में संचालक रंजीत निषाद द्वारा गलत इलाज करने से उसकी पत्नी अस्पताल में ही मर चुकी थी, फिर भी संचालक द्वारा कार से खजांची स्थित निजी अस्पताल ले गया।
सत्यम हॉस्पिटल के संचालक रंजीत निषाद ने कहा कि ब्लीडिंग व पेट में दर्द की शिकायत पर महिला को भर्ती किया गया। रक्तस्राव रोकने के लिए इंजेक्शन दिया गया। बुधवार सुबह में हार्टबीट तेजी से चलने पर गोरखपुर ले जाने का सलाह दी। आधे घंटे तक उसे गाड़ी नहीं मिली तब अपनी गाड़ी से ले गए। पति का सारा आरोप गलत है।