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गोरखपुर: मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे शिक्षकों का हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस

Sun, 18 Oct 2020 09:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 18 Oct 2020 09:26 AM IST
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Uproar of teachers arrived to make district hospital medical certificate, police called
जिला अस्पताल में मेडिकल बनावाने के लिए लगी अभ्यर्थियों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

प्राथमिक शिक्षा विभाग में चयनित शिक्षक मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए शनिवार को जिला अस्पताल व सीएमओ कार्यालय में उमड़ पड़े। 547 शिक्षक और उनके परिजन अस्पताल परिसर में डटे रहे, लेकिन सर्टिफिकेट नहीं बने। सुबह से प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लाइन में लगे शिक्षकों ने हंगामा कर दिया। यह देख चिकित्सकों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिक्षकों को समझाकर शांत कराया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां भी उड़ीं।

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एक दिन पहले शुक्रवार को 547 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिला है। इन शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत है। विभाग ने दो कार्य दिवस में मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाकर जमा करने को कहा है। इसी वजह से शनिवार सुबह से ही नवनियुक्त शिक्षक मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय पहुंचने लगे।
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अधिकतर शिक्षकों के साथ उनके परिजन भी थे। इससे अस्पताल परिसर में भीड़ हो गई। अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि शिक्षक और उनके परिजन अस्पताल के कर्मचारियों पर तत्काल मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने का दबाव बनाने लगे। इस प्रक्रिया में कई शिक्षक डॉक्टरों से उलझ भी गए। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। शिक्षकों का आक्रोश देख कई कर्मचारी मौके से भाग गए। इस वजह से अस्पताल की ओपीडी भी प्रभावित हुई।
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वहीं, शिक्षकों का आरोप है कि अस्पताल में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। न कोई कर्मचारी सुन रहा था न ही अधिकारी। मेडिकल बनवाने के लिए जमा होने वाली फीस तक को कोई लेने वाला नहीं था। लोग सुबह से ही लाइन में लगे थे, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं था। न कोई सही और संतोषजनक जानकारी दी जा रही थी।

डॉक्टर भड़के, बुलानी पड़ी पुलिस

गर्मी और धूप की वजह से सभी परेशान हो गए। अब सोमवार को दोबारा बुलाया गया है। संतकबीरनगर से आई शिक्षिका नलिनी राय और राजेंद्र नगर निवासी रंजना चौधरी ने बताया कि कड़ी धूप में लाइन में लगने के बाद किसी तरह पर्ची कटवाई, लेकिन विभाग ने सर्टिफिकेट बनाने से मना कर दिया। सोमवार को फिर बुलाया गया है। पता नहीं प्रमाण पत्र बनेगा कि नहीं, जबकि सोमवार तक मेडिकल प्रमाण पत्र विभाग में जमा करने को कहा गया है।

पहले जांच कराने के नाम पर कुछ शिक्षक डॉक्टरों से उलझ गए। ओपीडी कक्ष के बाहर तैनात कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। इस पर जिला अस्पताल के डॉक्टर नाराज हो गए। मामले की जानकारी सीएमओ को मिली तो उन्होंने एसपी सिटी को फोन कर सुरक्षा मांगी। तब जाकर किसी तरह मामला शांत हुआ।

सोमवार से सिर्फ 80 लोगों के बनेंगे मेडिकल सर्टिफिकेट
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि इस संबंध में बीएसए से वार्ता की गई है। 547 लोगों के प्रमाण पत्र बनने हैं। सोमवार से रोजाना 80 लोगों के प्रमाण पत्र बनेंगे। इससे भीड़ भी नहीं लगेगी और छह से सात दिनों में सभी के प्रमाण पत्र बन जाएंगे।

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