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Gorakhpur: बीआरडी में बच्ची की मौत के बाद परिजनों का हंगामा, लापरवाही का आरोप, सीएम से शिकायत करेंगे परिजन
Sun, 16 Jul 2023 12:42 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 16 Jul 2023 12:42 PM IST
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गोरखपुर मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भर्ती नौ माह की बच्ची की मौत हो गई। परिजन उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हंगामा करने लगे। पुलिस ने लोगों को किसी तरह शांत कराया। परिजनों ने सीएम के जनता दर्शन में जाकर शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, सूर्यकुंड मोहल्ला निवासी वशिष्ठ सिंह की नौ माह की बेटी आर्या उर्फ बेबी को दस्त व शरीर में सूजन होने पर बुधवार को बाल रोग विभाग के 100 नंबर वार्ड पर भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक डॉक्टरों ने खून चढ़ाने के लिए कहा। खून चढ़ाया जा रहा था, लेकिन कुछ देर के लिए रुक गया।
परिजनों ने डॉक्टर को बताया कि तो उन्होंने कहा कि यह हमारा काम नहीं है। वार्ड की सिस्टर से बात कीजिए। सिस्टर ने यह कहकर टाल दिया कि दो ही स्टॉफ हैं, जब समय मिलेगा तो जाकर देख लेंगे।
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परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज को डिस्चार्ज कराकर नर्सिंग होम में ले जाने की सलाह दी। डेढ़ घंटे के बाद सिस्टर ने आकर देखा तो दोबारा खून चढ़ाया गया। शुक्रवार की सुबह पांच बजे तक बच्ची की तबीयत ठीक थी। बाद में उसे ऑक्सीजन लगा दिया गया। एक घंटे के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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जानकारी के अनुसार, सूर्यकुंड मोहल्ला निवासी वशिष्ठ सिंह की नौ माह की बेटी आर्या उर्फ बेबी को दस्त व शरीर में सूजन होने पर बुधवार को बाल रोग विभाग के 100 नंबर वार्ड पर भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक डॉक्टरों ने खून चढ़ाने के लिए कहा। खून चढ़ाया जा रहा था, लेकिन कुछ देर के लिए रुक गया।
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परिजनों ने डॉक्टर को बताया कि तो उन्होंने कहा कि यह हमारा काम नहीं है। वार्ड की सिस्टर से बात कीजिए। सिस्टर ने यह कहकर टाल दिया कि दो ही स्टॉफ हैं, जब समय मिलेगा तो जाकर देख लेंगे।
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परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज को डिस्चार्ज कराकर नर्सिंग होम में ले जाने की सलाह दी। डेढ़ घंटे के बाद सिस्टर ने आकर देखा तो दोबारा खून चढ़ाया गया। शुक्रवार की सुबह पांच बजे तक बच्ची की तबीयत ठीक थी। बाद में उसे ऑक्सीजन लगा दिया गया। एक घंटे के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। लिखित शिकायत आने पर जांच कराई जाएगी। यदि कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. राजेश कुमार राय, प्रमुख अधीक्षक, नेहरू अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज