{"_id":"619492bdd2efa7220c00b77f","slug":"upeda-consultancy-firm-team-discussed-with-officers-entrepreneurs-to-develop-industrial-corridor","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: मेडिकल उद्योग के हब के रूप में विकसित करें औद्योगिक गलियारा, इस फर्म की टीम ने अफसरों से किया विमर्श","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: मेडिकल उद्योग के हब के रूप में विकसित करें औद्योगिक गलियारा, इस फर्म की टीम ने अफसरों से किया विमर्श
Wed, 17 Nov 2021 10:57 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 17 Nov 2021 10:57 AM IST
सार
डीएम विजय किरन आनंद की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दिल्ली से आए कंसलटेंट ने औद्योगिक गलियारे के विकास को लेकर अलग- अलग बिंदुओ पर चर्चा की। जमीन की उपलब्धता एवं यहां मौजूद आधारभूत संरचना के बारे में विमर्श हुआ।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के दोनों ओर प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के विकास की संभावनाएं तलाशी जा रही है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की तरफ से चयनित कंसलटेंसी फर्म की टीम ने मंगलवार को गीडा, जिला प्रशासन समेत कुछ अन्य विभागों के अधिकारियों एवं उद्यमियों के साथ बैठक कर विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में उद्यमियों की ओर से औद्योगिक गलियारे में मेडिकल उद्योग को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया।
डीएम विजय किरन आनंद की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दिल्ली से आए कंसलटेंट ने औद्योगिक गलियारे के विकास को लेकर अलग- अलग बिंदुओ पर चर्चा की। जमीन की उपलब्धता एवं यहां मौजूद आधारभूत संरचना के बारे में विमर्श हुआ। उद्यमियों ने अपनी बात रखी। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष दीपक कारीवाल ने कहा कि गीडा की ओर से प्लास्टिक पार्क, गारमेंट पार्क, आइटी पार्क को लेकर पहले से ही पहल की जा रही है। गोरखपुर को मेडिकल उत्पादों के हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। चार करोड़ से अधिक आबादी केवल गोरखपुर पर निर्भर है।
पश्चिमी बिहार, नेपाल एवं आसपास के अन्य क्षेत्रों में बड़ा बाजार है। पहले से भी यहां मेडिकल उपकरणों से जुड़ी इकाइयां संचालित हो रही हैं और कुछ अन्य इकाइयां स्थापित हो रही हैं। चैंबर आफ रेडीमेड गारमेंट के अध्यक्ष रमाशंकर शुक्ला ने रेडीमेड गारमेंट की बात उठाई।
विज्ञापन
कंसलटेंसी फर्म ने बताया कि इस क्षेत्र में पानी की पर्याप्त उपलब्धता है जिससे कई उद्योगों को फायदा होगा। यहां बनने वाले उत्पादों के बारे में भी जानकारी हासिल की गई। पहले से संचालित औद्योगिक इकाइयों के संचालन में आने वाली समस्याओं, बिजली, तैयार उत्पादों के लिए बाजार की उपलब्धता आदि पर भी चर्चा हुई।
बैठक में सीडीओ इंद्रजीत सिंह, उपायुक्त उद्योग रवि कुमार शर्मा, उद्यमी सुमित कक्कड़, मनोज अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि यूपीडा की ओर से नियुक्त कंसलटेंसी फर्म की टीम, औद्योगिक गलियारे के विकास के लिए सर्वे कर रही है। इस संबंध में उद्यमियों के साथ बैठक भी हुई।
विज्ञापन
डीएम विजय किरन आनंद की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दिल्ली से आए कंसलटेंट ने औद्योगिक गलियारे के विकास को लेकर अलग- अलग बिंदुओ पर चर्चा की। जमीन की उपलब्धता एवं यहां मौजूद आधारभूत संरचना के बारे में विमर्श हुआ। उद्यमियों ने अपनी बात रखी। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष दीपक कारीवाल ने कहा कि गीडा की ओर से प्लास्टिक पार्क, गारमेंट पार्क, आइटी पार्क को लेकर पहले से ही पहल की जा रही है। गोरखपुर को मेडिकल उत्पादों के हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। चार करोड़ से अधिक आबादी केवल गोरखपुर पर निर्भर है।
विज्ञापन
पश्चिमी बिहार, नेपाल एवं आसपास के अन्य क्षेत्रों में बड़ा बाजार है। पहले से भी यहां मेडिकल उपकरणों से जुड़ी इकाइयां संचालित हो रही हैं और कुछ अन्य इकाइयां स्थापित हो रही हैं। चैंबर आफ रेडीमेड गारमेंट के अध्यक्ष रमाशंकर शुक्ला ने रेडीमेड गारमेंट की बात उठाई।
विज्ञापन
कंसलटेंसी फर्म ने बताया कि इस क्षेत्र में पानी की पर्याप्त उपलब्धता है जिससे कई उद्योगों को फायदा होगा। यहां बनने वाले उत्पादों के बारे में भी जानकारी हासिल की गई। पहले से संचालित औद्योगिक इकाइयों के संचालन में आने वाली समस्याओं, बिजली, तैयार उत्पादों के लिए बाजार की उपलब्धता आदि पर भी चर्चा हुई।
बैठक में सीडीओ इंद्रजीत सिंह, उपायुक्त उद्योग रवि कुमार शर्मा, उद्यमी सुमित कक्कड़, मनोज अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि यूपीडा की ओर से नियुक्त कंसलटेंसी फर्म की टीम, औद्योगिक गलियारे के विकास के लिए सर्वे कर रही है। इस संबंध में उद्यमियों के साथ बैठक भी हुई।