खुशखबर: गोरखपुर में बनेगा प्रदेश का MSME टेस्टिंग लैब, औद्योगिक विकास को लगेंगे पंख
एमएसएमई सहायक निदेशक एसके अग्निहोत्री ने कहा कि चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की मांग पर गोरखपुर में एमएसएमई के टेस्टिंग सेंटर की संभावना तलाशी गई है। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों से फूड, टेक्सटाइल और लोहा संबंधी उत्पादों संबंधी टेस्टिंग के लिए विभिन्न जानकारियां मांगी गई हैं। इसके आधार पर यह तय हो सकेगा कि गोरखपुर में बनने वाले टेस्टिंग स्टेशन में किन मशीनों की आवश्यकता पड़ेगी।
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सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय का प्रदेेश का पहला टेस्टिंग स्टेशन (लैब) गोरखपुर में खुलेगा। एमएसएमई मंत्रालय के अधिकारियों ने चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों से विभिन्न जानकारियां मांगी हैं, ताकि टेस्टिंग स्टेशन में लगने वाली मशीनों को तय किया जा सके।
इसके खुल जाने के बाद गोरखपुर के उद्यमियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता जांच कराने के लिए किसी प्राइवेट लैब के पास नहीं जाना होगा। समय के साथ गोरखपुर के उद्योगों के उत्पाद, न सिर्फ देश के विभिन्न राज्यों में बल्कि विदेशों में भी निर्यात होने लगे हैं। उत्पादों को तभी भेजा जा सकता है, जब किसी मानक वाले टेस्टिंग लैब से इसकी गुणवत्ता की जांच हुई हो।
यहां के कारोबारियों को अभी कानपुर के प्राइवेट लैब या गाजियाबाद में स्थापित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के टेस्टिंग लैंब में सैंपल जांच के लिए भेजना होता है। अभी देश के चार मेट्रो शहरों में एमएसएमई का टेस्टिंग सेंटर और सात शहरों में टेस्टिंग स्टेशन हैं।
मंत्रालय के पदाधिकारियों ने उद्यमियों के साथ की बैठक
एमएसएमई मंत्रालय के पदाधिकारियों ने पिछले दिनों चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद स्टील, टेक्सटाइल और फूड प्रोडक्ट का लैब खोलने पर सहमति दे दी है। कानपुर हेड क्वार्टर से आए संयुक्त निदेशक वीके वर्मा, सहायक निदेशक एसके पांडेय, सहायक निदेशक एसके अग्निहोत्री ने पूर्वांचल के उद्योगों को लेकर सर्वे भी किया है।
औद्योगिक विकास के लिए जरूरी है टेस्टिंग लैब
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि एमएसएमई मंत्रालय ने अपने टेस्टिंग लैब के विस्तार श्रंखला योजना में चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर यह कवायद की है। चर्चा के दौरान अधिकारियों द्वारा कई नई योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
एमएसएमई सहायक निदेशक एसके अग्निहोत्री ने कहा कि चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की मांग पर गोरखपुर में एमएसएमई के टेस्टिंग सेंटर की संभावना तलाशी गई है। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों से फूड, टेक्सटाइल और लोहा संबंधी उत्पादों संबंधी टेस्टिंग के लिए विभिन्न जानकारियां मांगी गई हैं। इसके आधार पर यह तय हो सकेगा कि गोरखपुर में बनने वाले टेस्टिंग स्टेशन में किन मशीनों की आवश्यकता पड़ेगी। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेज दिया जाएगा।