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यूपी पंचायत चुनाव: नाम बढ़ाने-कटवाने के लिए लगा रहे जुगाड़, दावेदार नोकझोंक पर भी आमादा

Wed, 10 Feb 2021 10:30 AM IST
vivek shukla अरुण चन्द, गोरखपुर।
अरुण चन्द, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 10 Feb 2021 10:30 AM IST
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UP Panchayat Election 2021 people request for add name in panchayat voter list
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के तहसीलदार सदर डॉ. संजीव दीक्षित के कक्ष में मंगलवार को खूब गहमा-गहमी थी। गांव के एक परिवार के लोगों को वोटर बनाने के लिए आवेदक और तहसीलदार में बहस हो रही थी। दोनों तरफ से दलीलों का सिलसिला जारी था। माहौल गरमाया तो बाकी के कई फरियादी स्तब्ध हो गए। कुर्सी पकड़े खामोश होकर हर कोई संवाद सुनने लगा।

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पंचायत की वोटर लिस्ट में नाम बढ़ाने के लिए एक आवेदनकर्ता को तहसीलदार समझा रहे थे कि आपकी पत्नी 2015 के चुनाव में गांव की प्रधान थीं। आप ने 2017 में बांसगांव नगर पंचायत का चुनाव लड़ा। वोटर भी आप बांसगांव के हैं। घर आपका शहर में भी है। अब आप चाह रहे कि फिर से उसी गांव की वोटर लिस्ट में आपके परिवार का नाम दर्ज हो जाए तो यह तर्कसंगत नहीं है। मगर आवेदक का कहना था कि वह उसी गांव (जहां पत्नी प्रधान थी) के वोटर रहे हैं। उनके परिवार का नाम गलत तरीके से काट दिया गया। अब जोड़ा नहीं जा रहा। उनका कहना था कि कम से कम परिवार के बच्चों का नाम गांव के वोटर लिस्ट में जुड़ जाए।
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यह तो बानगी है। इस तरह का वाकया रोज जिले की अलग-अलग तहसीलों में हो रहा। 22 जनवरी को वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन होने के बाद बड़ी संख्या में लोग वोटर बनने और नाम कटवाने के लिए जुगाड़ लगा रहे हैं। कई जगह नोकझोंक हो रही तो कहीं सिफारिशें लगवाई जा रहीं हैं। हर तहसील में दावेदार अपनों का नाम बढ़वाने और विरोधियों का कटवाने में जुटे हैं।

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अधिसूचना जारी होने तक कर सकते हैं आवेदन, नामांकन तक निस्तारण

दरअसल, छूटे लोग अधिसूचना जारी होने तक वोटर बन सकते हैं। इसके लिए प्रपत्र-2 भरना होगा। इसी तरह नाम, पता संशोधित कराने के लिए प्रपत्र-3 भरना होगा। नाम कटवाने के लिये प्रपत्र-4 भरना होगा। इसमें धांधली न हो इसलिए प्रपत्र-4 को दो सेट में भरना होगा। जिसका नाम कटने के लिए आवेदन किया जाएगा, प्रपत्र की एक कॉपी उसे भी नोटिस के तौर पर भेजी जाएगी। अगर कोई साजिशन नाम कटवाने की कोशिश कर रहा है तो इस सूचना के आधार पर आप आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। पंचायत चुनाव के ठीक पहले नाम जोड़ने और कटवाने में खूब खेल होता है। ऐसे में वोटरों को खुद भी सतर्क रहना पड़ेगा।
 
सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) जगनारायण मौर्य का कहना है कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद अधिसूचना जारी होने तक नाम जोड़ने, कटवाने व संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकता है। ये आवेदन संबंधित तहसीलों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी यानी एसडीएम के नाम किया जा सकता है। सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

नाम कटवाने के आवेदन आने पर उसकी जानकारी संबंधित वोटर को भी दी जा रही है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन के बाद जो आवेदन आते हैं उनका निस्तारण नामांकन के आखिरी तिथि के पहले कर लेने का प्रावधान है।

रूट चार्ट और सेक्टर जोन का हो रहा निर्धारण

पंचायत चुनाव की तैयारियों के क्रम में सभी बूथों का रूट चार्ट तैयार किए जाने के साथ ही सेक्टर और जोन का भी निर्धारण किया जा रहा है ताकि निगरानी में मदद मिल सके।
 
15 तक तय हो जाएंगे संवेदनशील बूथ
पूर्व के चुनाव में जिन बूथों पर तनाव हुआ या होने की आशंका है, वहां विशेष निगरानी और अतिरिक्त फोर्स तैनात करने के लिए ऐसे बूथों को तीन श्रेणी में बांटा गया है। संवेदनशील बूथ, अति संवेदनशील बूथ और अतिसंवेदनशील प्लस। इन बूथों को चिह्नित करने के लिए सभी तहसीलों में एसडीएम की अध्य्क्षता में कमेटी गठित कर दी गई है जिसमे बीडीओ, तहसीलदार और सीओ भी हैं। सभी को 15 फरवरी तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।
 
27.40 लाख से बढ़कर 30.15 लाख हुई वोटरों की संख्या
चुनाव के मद्देनजर वोटर अभियान शुरू होने के पहले वोटरों की संख्या 27.40 लाख थी। दो फेज के मतदाता अभियान में करीब 2.60 लाख वोटर बढ़े। अब कुल वोटरों की संख्या 30 लाख 14 हजार 694 हो गई है। उरुवां ब्लॉक में सबसे ज्यादा 1.89 लाख मतदाता जबकि भरोहिया में सबसे कम 96517 मतदाता हैं। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 जनवरी को कर दिया गया है।
 
आरक्षण को कैबिनेट की हरी झंडी के बाद और बढ़ी सरगर्मी
मंगलवार को पंचायतों के आरक्षण को लेकर कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद पंचायत चुनाव की सरगर्मी और बढ़ गई है। कैबिनेट का फैसला होते ही कई दावेदार और उनके समर्थक, पंचायतीराज विभाग के अफसरों, कर्मचारियों को फोन घुमाने में जुट गए। सभी के एक ही सवाल- कब तक तय होगा आरक्षण। उधर, सीडीओ इंद्रजीत सिंह का कहना है कि जल्द ही नोटिफिकेशन की उम्मीद है। शासन से फार्मूला आने के बाद जिले स्तर पर आरक्षण की सूची तैयार की जाएगी।

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