गोरखपुर: अव्यवस्था देख नाराज हुए प्रभारी मंत्री, डीएम से बोले- दो घंटे के अंदर ठीक कराइए व्यवस्था
प्रभारी मंत्री निरीक्षण करके चले गए लेकिन अव्यवस्था जस की तस, प्रभारी मंत्री व उनके साथ आए कार्यकर्ताओं ने भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया।
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गोरखपुर महिला अस्पताल में कोविड टीकाकरण के दौरान अव्यवस्था देख समाज कल्याण मंत्री व जिले के प्रभारी रमापति शास्त्री नाराज हो गए। उन्होंने तत्काल डीएम के विजयेंद्र पांडियन को फोन करके दो घंटे के अंदर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए लेकिन इसका असर नहीं हुआ। मंत्री के जाने के बाद भी व्यवस्था जस की तस बनी रही। स्थिति ऐसी हो गई कि टीका लगवाने आए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को बलपूर्वक समझाया तब जाकर टीकाकरण शुरू हुआ।
जानकारी के मुताबिक प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री शनिवार को सवा एक बजे के करीब महिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान टीका लगवाने के लिए लोगों की लंबी लाइन देखकर वह नाराज हो गए। टीका लगवाने वाले कमरे में पहुंचे और देखा कि केवल एक जगह ही ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन हो रहा है। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
मंत्री को देख लाइन में लगी महिलाएं और पुरुष एक-एक करके महिला अस्पताल की खामियां बताने लगे। लोगों ने बताया कि सुबह नौ बजे से ही लाइन में लगे लोगों को कोविड का टीका नहीं लग सका है। जबकि अस्पताल के कर्मी अपने लोगों को अंदर ले जाकर टीका लगवा दे रहे हैं।
इसपर मंत्री ने महिला अस्पताल की प्रभारी एसआईसी डॉ नीना श्रीवास्तव से सवाल किया। उन्होंने कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए टीकाकरण कराने की बात कही। इस पर एसआईसी ने बताया कि कर्मियों की कमी है। इसके लिए सीएमओ को पत्राचार किया गया है। पुलिस की भी मांग गई है।
सीएमओ का नहीं उठा फोन तो डीएम से की बात
प्रभारी मंत्री ने कर्मचारियों की कमी जानने और व्यवस्था के लिए सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय को फोन किया तो उनका फोन नहीं उठा। इस पर उन्होंने डीएम के विजयेंद्र पांडियन से फोन पर वार्ता की। डीएम से वार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री ने टीकाकरण की व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि दो घंटे के अंदर व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए।
एक सत्यापनकर्ता को देख नाराज हुए मंत्री
प्रभारी मंत्री कोविड टीकाकरण कक्ष में पहुंचे तो देखा कि ऑन स्पॉट के लिए केवल एक सत्यापन करने वाला कर्मी है। जबकि महिला और पुरुषों की अलग-अलग लाइनों में 300 से ज्यादा लोग थे। एक रजिस्ट्रेशन में कम से कम तीन से चार मिनट का समय लग रहा था। इसकी वजह से लोग नाराज हो रहे थे। इस पर मंत्री ने एक और सत्यापनकर्ता के लिए एसआईसी से वार्ता की।
महिला स्पेशल बूथ में पुरुष भी लगवा रहे टीका
महिला अस्पताल में दो बूथ बनाए गए हैं। एक बूथ पर 18 से 44 वर्ष तक के लोगों को टीका लगाया जा रहा है। जबकि दूसरे बूथ पर 45 वर्ष से ऊपर के लोगों को टीका लगाया जा रहा है। यह बूथ महिला स्पेशल बूथ बनाए गए थे। लेकिन मौजूदा समय में यहां पर महिला और पुरुषों को टीका लगाया जा रहा है। इसकी वजह से महिला अस्पताल में भीड़ बढ़ती जा रही है।
लाइन में लगने का कोई फायदा नहीं, जुगाड़ वाले पहले लगवा ले रहे टीका
मंत्री जी खुद ही भूल गए कोविड प्रोटोकाल
कोविड टीकाकरण के दौरान प्रोटोकाल का पालन करने की नसीहत देने वाले प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री के आसपास भी कार्यकर्ताओं की भीड़ दिखी। वह खुद कोविड प्रोटोकाल का पालन करते नजर नहीं आए। सोशल डिस्टेंसिंग की लगातार अनदेखी करते रहे। कई बार ऐसा हुआ कि मास्क नाक के नीचे आ गया।
प्रभारी मंत्री आसपास कार्यकर्ता भी एक-दूसरे से सटकर खड़े रहे। कुछ कार्यकर्ता बिना मास्क के दिखे और कुछ कार्यकर्ताओं के मास्क नाक के नीचे लगे मिले। एसआईसी के कक्ष से लेकर टीकाकरण कक्ष तक में उनके इर्द-गिर्द कार्यकर्ताओं की पूरी टीम दिखी।
महिला अस्पताल के मैनेजर कमलेश कुमार ने कहा कि महिला अस्पताल में टीकाकरण के लिए भीड़ बढ़ती जा रही है। इसकी वजह से थोड़ी दिक्कतें आ रही है। रजिस्ट्रेशन के लिए एक कर्मी को लगाया गया है, जो लगातार रजिस्ट्रेशन कर रहा है। मौजूदा समय में करीब 500 के आसपास प्रतिदिन लोगों को टीका लगाया जा रहा है।