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गरमाया मामला: शिक्षामंत्री के भाई का सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय में गरीब कोटे से हुआ असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति
Sun, 23 May 2021 04:40 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 23 May 2021 04:40 PM IST
सार
बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी के भाई के नियुक्ति का मामला। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में ईडब्ल्यू एस कोटे में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुई नियुक्ति।
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सतीश चंद्र द्विवेदी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री(फाइल)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी के गृह जनपद सिद्धार्थनगर के कपिलवस्तु स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में उनके भाई की नियुक्ति का मामला रविवार को सोशल मीडिया में छाया रहा।
मंत्री के भाई अरुण द्विवेदी की नियुक्ति ईडब्ल्यूएस कोटे के अंतर्गत असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुई है। यह मामला चर्चा में आया तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रमाण के आधार पर नियुक्ति देने की बात की है, जबकि प्रदेश की कई हस्तियों ने प्रमाण पत्र के जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए करीब 150 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें मेरिट के आधार पर चयनित दस आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। उसमें मंत्री के भाई अरुण द्विवेदी का नाम वरीयता सूची में दूसरे नंबर था। सोशल मीडिया में मंत्री के भाई को बधाई से सिलसिला शुरू हुआ, उसके बाद आलोचना होने लगी। इस मामले में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि प्रमाण पत्र फर्जी होगी तो उनकी नियुक्ति रद्द की जाएगी, जबकि शिक्षा मंत्री ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
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डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी के गृह जनपद में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में उनके भाई की नियुक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने लिखित रूप से शिकायत करते हुए ईडब्लूएस सर्टिफिकेट जांच की मांग की है।
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मंत्री के भाई अरुण द्विवेदी की नियुक्ति ईडब्ल्यूएस कोटे के अंतर्गत असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुई है। यह मामला चर्चा में आया तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रमाण के आधार पर नियुक्ति देने की बात की है, जबकि प्रदेश की कई हस्तियों ने प्रमाण पत्र के जांच की मांग की है।
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बताया जा रहा है विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए करीब 150 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें मेरिट के आधार पर चयनित दस आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। उसमें मंत्री के भाई अरुण द्विवेदी का नाम वरीयता सूची में दूसरे नंबर था। सोशल मीडिया में मंत्री के भाई को बधाई से सिलसिला शुरू हुआ, उसके बाद आलोचना होने लगी। इस मामले में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि प्रमाण पत्र फर्जी होगी तो उनकी नियुक्ति रद्द की जाएगी, जबकि शिक्षा मंत्री ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
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डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी के गृह जनपद में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में उनके भाई की नियुक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने लिखित रूप से शिकायत करते हुए ईडब्लूएस सर्टिफिकेट जांच की मांग की है।
सिद्धार्थ विवि में बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी के छोटे भाई अरुण द्विवेदी का चयन ईडब्लूएस (आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग) कोटा के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के पर नियुक्ति हुई है। इसकी खबर लगने के बाद से ही सोशल मीडिया पर ईडब्लूएस के मुद्दे पर आलोचनाओं का मैसेज खूब वायरल हो रहा है।
एक प्रतिष्ठित चैनेल के स्टेट हेड, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, अपना दल एस युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत चौधरी, समाजवादी अध्ययन केंद्र के मणींद्र मिश्र मशाल से लगायत जनपद समेत प्रदेश के कई विपक्षी राजनीतिज्ञों की ओर से आलोचना करते हुए नियुक्ति पर सवाल खड़े किए हैं।
अमिताभ ठाकुर और डॉ. नूतन ठाकुर की ओर से राज्यपाल समेत अन्य को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि डॉ. अरुण कुमार शिक्षा मंत्री के भाई होने के साथ ही स्वयं भी बनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान में मनोविज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर थे, ऐसे में उनके द्वारा ईडब्लू सर्टिफिकेट प्राप्त किया जाना प्रथम दृष्टया जांच का विषय दिखता है। उन्होंने संबंधित प्रमाणपत्र की जांच की मांग की है।
एक प्रतिष्ठित चैनेल के स्टेट हेड, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, अपना दल एस युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत चौधरी, समाजवादी अध्ययन केंद्र के मणींद्र मिश्र मशाल से लगायत जनपद समेत प्रदेश के कई विपक्षी राजनीतिज्ञों की ओर से आलोचना करते हुए नियुक्ति पर सवाल खड़े किए हैं।
अमिताभ ठाकुर और डॉ. नूतन ठाकुर की ओर से राज्यपाल समेत अन्य को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि डॉ. अरुण कुमार शिक्षा मंत्री के भाई होने के साथ ही स्वयं भी बनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान में मनोविज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर थे, ऐसे में उनके द्वारा ईडब्लू सर्टिफिकेट प्राप्त किया जाना प्रथम दृष्टया जांच का विषय दिखता है। उन्होंने संबंधित प्रमाणपत्र की जांच की मांग की है।