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प्रशासन के इन्कार के बीच सोशल मीडिया पर ‘घूमता’ रहा यूपी बोर्ड का पेपर
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प्रशासन के इन्कार के बीच सोशल मीडिया पर ‘घूमता’ रहा यूपी बोर्ड का पेपर
बृहस्पतिवार को हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान और बुधवार को इंटर अंग्रेजी का पेपर वायरल
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। यूपी बोर्ड की परीक्षा नकलविहीन और बेहतर तरीके से कराने का बस्ती जिला प्रशासन दावा कर रहा है। बावजूद इसके बुधवार को इंटरमीडिएट अंग्रेजी का प्रश्नपत्र और साल्व कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल होती रही। मामला अभी थमा नहीं था कि बृहस्पतिवार को हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान का पेपर भी सोशल मीडिया पर आ गया। हालांकि प्रशासन ने पेपर लीक होने की बात से इन्कार किया है। सूत्रों के अनुसार, पेपर वायरल प्रकरण पर डीएम आशुतोष निरंजन ने अंदरखाने जांच शुरू करा दी है।
बृहस्पतिवार को हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान का पेपर सुबह 8.15 पर जैसे शुरू हुआ उसके कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर यह पेपर वायरल होने लगा। जैसे ही डीएम को इसकी सूचना मिली वह डीआईओएस कार्यालय में बने कंट्रोल रूम जा पहुंचे। जांच पड़ताल शुरू कर दी। परीक्षा की शुुचिता कायम रखने के लिए व्यवस्था का संचालन अपने हाथ में ले लिया। वायरल पेपर का सच जानने के लिए डीआईओएस को जांच के निर्देश दिए हैं। इसी बीच माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव विनोद कृष्णा भी वायरल पेपर की जांच करने पहुंचे और उन्होंने डीआईओएस कार्यालय के कंट्रोल रूम की जांच की।
पहली बार 24 फरवरी को राकेश कुमार मिश्र मीरा देवी इंटर कालेज केवटली में इंटरमीडिएट नागरिक शास्त्र की जगह अर्थशास्त्र का पेपर का बंडल खोल दिया गया।
इसकी जांच चल रही थी कि 26 फरवरी को इंटरमीडिएट अंग्रेजी का पेपर सोशल मीडिया पर दोपहर 12 बजे अंग्रेजी प्रश्नपत्र की लिखी कापी वायरल होने लगी। आनन फानन में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने रामप्यारे चौधरी इंटर कॉलेज रेहरवा में दूसरी पाली परीक्षा की संघन जांच की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद सामूहिक नकल की पुष्टि हुई। विद्यालय के कक्ष निरीक्षक व प्रधानाचार्य की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
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डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि जो पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वह संदिग्ध है। इसकी जांच डीआईओएस से कराई जा रही है। डीआईओएस डा. बृजभूषण मौर्य ने कहा कि इंटर अंग्रेजी के वायरल प्रश्नपत्र जिले के हैं। जिले के प्रश्नपत्र के मिलान से इसकी पुष्टि हो रही है। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ कोतवाली सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1998 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
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बृहस्पतिवार को हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान और बुधवार को इंटर अंग्रेजी का पेपर वायरल
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। यूपी बोर्ड की परीक्षा नकलविहीन और बेहतर तरीके से कराने का बस्ती जिला प्रशासन दावा कर रहा है। बावजूद इसके बुधवार को इंटरमीडिएट अंग्रेजी का प्रश्नपत्र और साल्व कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल होती रही। मामला अभी थमा नहीं था कि बृहस्पतिवार को हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान का पेपर भी सोशल मीडिया पर आ गया। हालांकि प्रशासन ने पेपर लीक होने की बात से इन्कार किया है। सूत्रों के अनुसार, पेपर वायरल प्रकरण पर डीएम आशुतोष निरंजन ने अंदरखाने जांच शुरू करा दी है।
बृहस्पतिवार को हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान का पेपर सुबह 8.15 पर जैसे शुरू हुआ उसके कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर यह पेपर वायरल होने लगा। जैसे ही डीएम को इसकी सूचना मिली वह डीआईओएस कार्यालय में बने कंट्रोल रूम जा पहुंचे। जांच पड़ताल शुरू कर दी। परीक्षा की शुुचिता कायम रखने के लिए व्यवस्था का संचालन अपने हाथ में ले लिया। वायरल पेपर का सच जानने के लिए डीआईओएस को जांच के निर्देश दिए हैं। इसी बीच माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव विनोद कृष्णा भी वायरल पेपर की जांच करने पहुंचे और उन्होंने डीआईओएस कार्यालय के कंट्रोल रूम की जांच की।
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पहली बार 24 फरवरी को राकेश कुमार मिश्र मीरा देवी इंटर कालेज केवटली में इंटरमीडिएट नागरिक शास्त्र की जगह अर्थशास्त्र का पेपर का बंडल खोल दिया गया।
इसकी जांच चल रही थी कि 26 फरवरी को इंटरमीडिएट अंग्रेजी का पेपर सोशल मीडिया पर दोपहर 12 बजे अंग्रेजी प्रश्नपत्र की लिखी कापी वायरल होने लगी। आनन फानन में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने रामप्यारे चौधरी इंटर कॉलेज रेहरवा में दूसरी पाली परीक्षा की संघन जांच की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद सामूहिक नकल की पुष्टि हुई। विद्यालय के कक्ष निरीक्षक व प्रधानाचार्य की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
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डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि जो पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वह संदिग्ध है। इसकी जांच डीआईओएस से कराई जा रही है। डीआईओएस डा. बृजभूषण मौर्य ने कहा कि इंटर अंग्रेजी के वायरल प्रश्नपत्र जिले के हैं। जिले के प्रश्नपत्र के मिलान से इसकी पुष्टि हो रही है। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ कोतवाली सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1998 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।