Corona Alert : उन्नाव जिला प्रशासन की एक गलती गोरखपुर पर पड़ सकती है भारी, पढ़ें क्या है पूरा मामला
- पॉजिटिव युवक के साथ जिले के सात अन्य लोगों ने की थी यात्रा
- उन्नाव जिला प्रशासन ने वहां से सबको अलग-अलग साधनों से भेजा था घर
- कोरोना पॉजिटिव युवकों से हुई पूछताछ में आई बात सामने
विस्तार
उन्नाव जिला प्रशासन की जरा सी चूक गोरखपुर के लिए चिंता का सबब बन गई है। उन्नाव जिला प्रशासन ने मुंबई से लौट रहे कामगारों की बिना जांच किए ही उन्हें अलग-अलग साधनों से गोरखपुर भेज दिया। जबकि, उन मजदूरों में एक की संदिग्ध हाल में मौत भी हो चुकी थी। इसके बाद भी जांच कराना जरूरी नहीं समझा। अब यही चूक जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए मुसीबत बन गई है।
उन्नाव प्रशासन ने जिन मजदूरों को भेजा था उनमें जब दो में संक्रमण की पुष्टि मंगलवार की रात हुई तो हड़कंप मच गया। इसके बाद पॉजिटिव मरीजों से पूछताछ शुरू हुई तो पता चला कि उनके साथ गोरखपुर के सात और लोग थे, जो उन्नाव से अलग-अलग साधनों से अपने गांव आ चुके हैं।
पूछताछ के बाद प्रशासन ने झंगहा के इटवा में पहुंचे एक युवक को टीबी अस्पताल में भर्ती कराया है। इसके अलावा बांसगांव के जिगिना, बेलघाट के केसरिया, हरपुर के बाठ-बुजुर्ग और गगहा के भलुआन में पहुंचे छह अन्य मजदूरों की तलाश करते हुए सभी को टीबी अस्पताल क्वारंटीन करा दिया है। इन सभी के गांवों को सील कर दिया गया है। गांवों को सैनिटाइज कराया गया है। कामगारों के परिवार को होम क्वारंटीन किया गया है।
अंतिम संस्कार में शामिल 31 लोग होम-क्वारंटीन
कटया में दो युवकों के पॉजिटिव मिलने के बाद बुधवार को प्रशासनिक अमला गांव में मुस्तैद रहा। हर घर का सर्वे किया जा रहा है। गांव में बुधवार को दिनभर पंचायती राज विभाग की टीम सैनिटाइज करती रही।
मृतक के अंतिम संस्कार में शामिल 31 लोगों को प्रशासन ने बुधवार को होम क्वारंटीन करने का आदेश दिया। बुधवार को मृतक हीरा का बड़ा बेटा भी मुंबई से लौटा। उसे भी क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि सभी को ढूंढकर क्वांरटीन करा दिया गया है। सबके नमूने जांच के लिए भेजे गए है। अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। इसके साथ यदि कोई बाहर से आया है, तो वह यात्रा इतिहास बिल्कुल न छिपाएं।
उन्होंने कहा कि जरा सी भी दिक्कत होने पर इसकी सूचना अपने निकट के आशा, आंगनबाड़ी वर्कर या फिर ग्राम प्रधान को दें। इसके अलावा मेरे सीयूजी नंबर 8005192660 पर संपर्क कर सूचना दे सकते हैं।
सीओ कोविड सेल प्रभारी प्रवीण सिंह ने कहा कि अगर लोग खुद सामने आए तो पुलिस को संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को तलाशने में इतनी जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। जो काम बेहद आसानी से हो सकता है, उसके लिए पुलिस पूछताछ और सर्विलांस की मदद से उन सभी लोगों तक पहुंचने का काम कर रही है, जो संक्रमित व्यक्ति के साथ संपर्क में आए हो। फिर स्वास्थ्य विभाग की मदद से उनकी जांच कराई जाती है। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ऐसे लोगों को क्वांरटीन भी कराती है।