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गोरखपुर: एक लाख बेरोजगारों को मिलेगा पोषण भत्ता, 29 हजार की फीडिंग पूरी
Mon, 14 Jun 2021 09:17 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 14 Jun 2021 09:17 AM IST
सार
रोज कमाकर आजीविका चलाने वाले बेरोजगारों को मिलेगा 1000 रुपये।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कोरोना में बेरोजगार हो चुके ग्रामीण क्षेत्र के दैनिक कामगारों के खाते में जल्द ही एक-एक हजार रुपये का पोषण भत्ता पहुंचने लगेगा। गोरखपुर जिले में ऐसे एक लाख जरूरतमंदों को मदद देने का लक्ष्य है। रविवार की शाम तक पंचायतीराज विभाग ने 29 हजार से अधिक लाभार्थियों का डाटा कंप्यूटर में फीड करा दिया।
कोरोना कर्फ्यू में रोज कमाकर खाने वालों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। उनकी कठिनाइयों को देखते हुए शासन ने उन्हें एक हजार रुपये प्रतिमाह देने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगर क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र के अलग-अलग पात्रों की पहचान की जा रही है। आधार कार्ड के साथ उनकी फीडिंग भी की जा रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद छूटने न पाए। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। पर, यदि किसी के पास तक विभाग के लोग नहीं पहुंच पाते हैं तो वह स्वयं भी भत्ता पाने के लिए ग्राम पंचायत सचिव के पास या ब्लॉक पर आवेदन कर सकता है।
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कोरोना कर्फ्यू में रोज कमाकर खाने वालों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। उनकी कठिनाइयों को देखते हुए शासन ने उन्हें एक हजार रुपये प्रतिमाह देने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगर क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र के अलग-अलग पात्रों की पहचान की जा रही है। आधार कार्ड के साथ उनकी फीडिंग भी की जा रही है।
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सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद छूटने न पाए। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। पर, यदि किसी के पास तक विभाग के लोग नहीं पहुंच पाते हैं तो वह स्वयं भी भत्ता पाने के लिए ग्राम पंचायत सचिव के पास या ब्लॉक पर आवेदन कर सकता है।
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डाटा फीडिंग में गोरखपुर-बस्ती मंडल में अपना जिला सबसे आगे
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में एक लाख लोगों को यह लाभ देने का लक्ष्य है। इस योजना के तहत रेहड़ी, ठेला लगाने वालों, धोबी, मोची, नाई, फैक्ट्रियों में काम करने वाले ऐसे लोग जो बेरोजगार हो चुके हैं, अपंजीकृत दिहाड़ी मजदूर, कुली आदि को इस योजना का लाभ दिया जाना है।
लाभार्थियों का डाटा फीड करने में गोरखपुर जिला, गोरखपुर और बस्ती मंडल में पहले पायदान पर है। रविवार शाम 6.30 बजे वेबसाइट आठ घंटे के लिए बंद कर दी गई। इस समय तक गोरखपुर में सर्वाधिक 29392 लाभार्थियों की फीडिंग हो चुकी थी। दूसरे स्थान पर महराजगंज रहा, यहां 28869, कुशीनगर में 22470, देवरिया में 15331, सिद्धार्थनगर में 13082, बस्ती में 12268 जबकि संतकबीरनगर में सबसे कम 9870 लोगों का डाटा ही फीड किया जा सका है। इस तरह दोनों मंडल मिलाकर करीब एक लाख 31 हजार से अधिक लोगों का डाटा फीड हो चुका है।
लाभार्थियों का डाटा फीड करने में गोरखपुर जिला, गोरखपुर और बस्ती मंडल में पहले पायदान पर है। रविवार शाम 6.30 बजे वेबसाइट आठ घंटे के लिए बंद कर दी गई। इस समय तक गोरखपुर में सर्वाधिक 29392 लाभार्थियों की फीडिंग हो चुकी थी। दूसरे स्थान पर महराजगंज रहा, यहां 28869, कुशीनगर में 22470, देवरिया में 15331, सिद्धार्थनगर में 13082, बस्ती में 12268 जबकि संतकबीरनगर में सबसे कम 9870 लोगों का डाटा ही फीड किया जा सका है। इस तरह दोनों मंडल मिलाकर करीब एक लाख 31 हजार से अधिक लोगों का डाटा फीड हो चुका है।
एक दिन में सबसे अधिक डाटा फीड करने में प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा जिला
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर के मुताबिक रविवार को गोरखपुर में करीब 13000 लोगों का डाटा फीड किया गया। प्रदेश में एक दिन में डाटा फीड करने के मामले में यह जिला दूसरे स्थान पर रहा। पहले स्थान पर प्रयागराज है।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि जिले में अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिया जाना है। रविवार तक 29 हजार से अधिक लोगों का डाटा कंप्यूटर में फीड कर दिया गया। यदि कोई छूट जाता है तो वह खुद भी सचिव से इस संबंध में बात कर सकता है। सभी जरूरतमंदों को भत्ता मिलेगा।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि जिले में अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिया जाना है। रविवार तक 29 हजार से अधिक लोगों का डाटा कंप्यूटर में फीड कर दिया गया। यदि कोई छूट जाता है तो वह खुद भी सचिव से इस संबंध में बात कर सकता है। सभी जरूरतमंदों को भत्ता मिलेगा।