गोरखपुर में दो और निजी लैब करेंगे कोरोना की जांच, रिपोर्ट आने में नहीं होगी देरी
- एक निजी लैब ट्रूनेट मशीन से शहर में ही करेगा जांच
- जिले में पहले ही तीन निजी लैब को मिली चुकी है अनुमति
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कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों के बीच दो और निजी लैब को जांच की मंजूरी मिली है। इनमें एक लैब शहर में ही ट्रूनेट मशीन के जरिए ही स्क्रीनिंग पॉजिटिव मरीजों की जांच करेगा। इससे पहले ही तीन निजी लैब को मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद से जिले में निजी लैब की संख्या पांच हो गई है। इन लैबों से जांच कराने के लिए लोगों को शुल्क देना होगा।
जिले में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पूर्वांचल में जांच की जिम्मेदारी बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी और आरएमआरसी को दी गई है। इन दोनों सेंटरों पर जांच का बोझ भी तगड़ा है। यही कारण है कि नमूने लेने के बाद जांच में कम से 48 से 72 घंटे का समय लगता है।
ऐसे में अब निजी अस्पताल में इलाज कराने वाले लोग निजी लैब में जांच शुल्क के साथ करा सकते हैं। निजी लैबों में तिलक पैथालॉजी लैब को ट्रूनेट मशीन के जरिए जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह लैब शहर में ही जांच करेगा। जबकि अन्य चार में एसआरएल, लाल, पैथकाइंड और पैथवर्ड शामिल हैं।
निजी अस्पतालों को मिल चुकी है ओपीडी इलाज की मंजूरी
यह लैब नमूने लेकर गुरुग्राम और नोएडा जांच के लिए भेजते हैं। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि दो और नए लैब को जांच की मंजूरी दी गई है। इनमें तिलक लैब ट्रूनेट मशीन से जांच करेगा।
जिले में सभी निजी अस्पतालों को इलाज की मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि अब जांच में तेजी आएगी। इसकी वजह से तीन निजी लैब जांच की जिम्मेदारी नहीं संभाल पाते। ऐसे में दो और निजी लैब होने से लोगों को जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। एडिशन सीएमओ डॉ एनके पांडेय ने बताया कि शासन की ओर से जो रेट तय हुए हैं उसी पर निजी लैब जांच कर रहे हैं।