गोरखपुर: रेलवे ट्रैक पर गिरे कार को हटवाने जा रहे थे दो रेलकर्मी, हादसे में हो गई मौत
धर्मशाला ओवर ब्रिज के नीचे कार और बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। इस घटना में दो रेलकर्मियों की मौत हो गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले में गोरखनाथ इलाके के ओवरब्रिज की रेलिंग तोड़कर बृहस्पतिवार की सुबह एक अनियंत्रित कार रेलवे ट्रैक के पास लटक गई। कार की वजह से ट्रेन प्रभावित होने की सूचना पर उसे हटवाने जा रहे बाइक सवार दो रेल कर्मियों की धर्मशाला के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, रेलवे ट्रैक के पास कार लटकने से पौने दो घंटे तक गोरखपुर-लखनऊ रेलवे मुख्य मार्ग बाधित रहा। इंटरसिटी भी लेट से गई थी।
मृतक की पहचान कुशीनगर के हाटा इलाके के महुआरी निवासी देवेश (29) और बलिया के फेफना के अनदारी निवासी रविंद्र वर्मा (30) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार की सुबह करीब 5.30 बजे एक तेज रफ्तार एक्सयूवी कार गोरखनाथ ओवरब्रिज की रेलिंग को तोड़ते हुए रेलवे पटरी पर लटक गई। बड़े हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस कार को हटवाने की कोशिश में जुट गई। उधर, रेलवे ट्रैक के पास कार के लटके होने से ट्रेने रोक दी गई।
इसकी सूचना पर कार को हटवने के साथ ही ट्रेनों का संचलन शुरू कराने के लिए बौलिया रेलवे कॉलोनी स्थित सरकारी क्वाटर से रेलकर्मी देवेश पांडेय और रविंद्र कुमार एक ही बाइक से मौके के लिए निकले। वह धर्मशाला अंडर पास से होकर गोरखनाथ की तरफ आगे बढ़ रहे थे कि इस बीच एक तेज रफ्तार कार सवार ने उनकी बाइक में ठोकर मार दी। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। दुर्घटना इतनी भयानक हुई थी कि एक रेलकर्मी का हाथ उखड़ गया था। कार भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिस कार से हादसा हुआ है, वह दस नंबर बोरिंग निवासी वीरेंद्र मिश्रा की है। इसे उनका चालक तीर्थराज वर्मा चला रहा था। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
कार छोड़कर भाग गए सवार
गोरखनाथ ओवरब्रिज से लटके कार के सवार छोड़कर फरार हो गए। कार सवार कौन थे, कार किसकी है, इसकी अभी जांच चल रही है। इस बारे में पुलिस नंबर के आधार पर जांच कर रही है।
दो महीने पहले देवेश की हुई थी शादी
रेलकर्मी देवेश की शादी दो महीने पहले 24 मई 2021 को गगहा के देवकली गांव निवासी ज्योति के साथ हुई है। देवेश परिवार के साथ गोरखपुर में बौलिया रेलवे कॉलोनी में सरकारी क्वाटर में रहते थे। तीन बहनों के बीच इकलौते भाई थे। देवेश के पिता का देहांत हो चुका है। मौत की खबर के बाद पूरे परिवार में चीख पुकार मची है। रविंद्र की दो बेटियां हैं।