सौगात: दो एक्सप्रेस वे से साकार होगा नए गोरखपुर का सपना, निर्माण के लिए बन रही डीपीआर
गोरखपुर-सिलीगुड़ी और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस वे निर्माण के लिए बन रही डीपीआर, गोरखपुर-सोनौली फोरलेन व जंगल कौड़िया-जगदीशपुर बाईपास का भी होगा निर्माण।
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आने वाले कुछ दिनों में गोरखपुर दो एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएगा। आवागमन के लिए अच्छी सड़कों के निर्माण से ही नए गोरखपुर का सपना साकार होगा। गोरखपुर-सिलीगुड़ी और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की टीम डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बना रही है। जबकि, पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण तेजी से चल रहा है।
सड़कों के निर्माण से गोरखपुर शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी आर्थिक व सामाजिक बदलाव तेज होगा। बड़े शहरों की तर्ज पर विकसित हो रहे गोरखपुर की सड़कें सुधरी हैं। शहर के अंदर ही नहीं, बाहरी क्षेत्र की कई सड़कें चौड़ी की जा रही हैं। टू लेन और फोरलेन के बाद अब यह शहर एक्सप्रेस वे की तरफ बढ़ रहा है। तीन साल पहले पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस वे से इसकी शुरूआत हो चुकी है। इसके अलावा गोरखपुर-सिलीगुड़ी और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए डीपीआर बन रही है। पैडलेगंज से नौसड़ तक सिक्सलेन सड़क बनाई जा रही है।
दिल्ली-कोलकाता-देहरादून का केंद्र बनेगा गोरखपुर
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जुड़े अफसरों के मुताबिक प्रस्तावित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे 520 किलोमीटर लंबा होगा। इसी तरह करीब 700 किलोमीटर लंबे गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस वे के बनने से गोरखपुर पश्चिम में दिल्ली और देहरादून तो पूरब में पटना, कोलकाता व गुवाहाटी से सीधे जुड़ जाएगा। दोनों एक्सप्रेस वे गोरखपुर से ही शुरू होंगे, लिहाजा इसका फायदा आवागमन के साथ-साथ पर्यटन व होटल उद्योग को भी मिलेगा।
जमीन की कीमत में आएगा उछाल
गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जाना है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसकी लंबाई 80 किलोमीटर है। इसके अलावा जंगल कौड़िया-जगदीशपुर बाईपास का भी निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। इन दोनों सड़कों के निर्माण से न केवल शहर के अंदर का जाम खत्म होगा, बल्कि शहर को विकास के लिए एक नया क्षेत्र भी मिलेगा। इससे जमीनों की कीमतें भी बढ़ेंगी।गोरखपुर-सिलीगुड़ी और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए डीपीआर बनाई जा रही है। गोरखपुर-सोनौली फोरलेन व जंगल कौड़िया-जगदीशपुर बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अच्छी सड़कों के निर्माण से आवागमन के साथ-साथ रोजगार के तमाम नए अवसर पैदा होंगे। - सीएम द्विवेदी, प्रोजेक्ट मैनेजर, नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई)
लोगों की प्रतिक्रिया
गोरखपुर अब पूर्वांचल का सबसे महत्वपूर्ण शहर बन चुका है। अब यहां बसने की चाहत रखने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जो लोग पहले लखनऊ या दिल्ली में घर बनाने के इच्छुक थे, वे भी गोरखपुर में जमीन खरीदने आ रहे हैं। अच्छे लोग बसने लगेंगे तो उसका असर स्कूल, अस्पताल, बाजार आदि सब पर पड़ेगा। इससे नए-नए रोजगार भी बढ़ेंगे।- चंद्रशेखर शर्मा, प्रापर्टी डीलर
अच्छी सड़कों के निर्माण का असर दिखने लगा है। गोरखपुर के विकास का फायदा अगल-बगल के छोटे कस्बों को भी मिल रहा है। बाजार में लोग रहेंगे तो इसका सबसे पहला लाभ स्थानीय दुकानदारों को ही मिलता है। नई सड़कों के निर्माण से लोगों को रोजगार मिलेगा तो भी दुकानदार फायदे में रहेंगे।- प्रशांत द्विवेदी, व्यापारी
नई सड़कें बनेंगी तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। गोरखपुर अब पर्यटन के नक्शे पर भी तेजी से उभर रहा है। सड़कों के चौड़ीकरण से होटल व रेस्टोरेंट संचालकों के लिए अवसर बढ़ेंगे। जंगल कौड़िया-जगदीशपुर बाईपास के निर्माण से आसपास के इलाके विकसित होंगे।- राजकुमार गुप्ता, रेस्टोरेंट संचालक।