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Gorakhpur News: सोशल मीडिया पर डाला सुसाइड नोट, मेटा अलर्ट ने बचाई जान

Mon, 29 Jun 2026 02:24 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 02:24 AM IST
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Two cases reported in two days; police visited homes following the alert.
गोरखपुर। सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े पोस्ट करने के बाद मेटा के अलर्ट सिस्टम ने दो अलग-अलग मामलों में समय रहते पुलिस को सूचना देकर दो युवाओं की जान बचा ली। पिछले दो दिनों में आए इन मामलों में लखनऊ से अलर्ट जारी हुआ जो आगे गोरखपुर पुलिस तक पहुंचा। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को सुरक्षित बचाकर काउंसिलिंग कराई।
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पुलिस के मुताबिक, ऐसे मामले अब लगातार सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर आत्मघाती पोस्ट या स्टोरी डालते ही मेटा का सेफ्टी सिस्टम सक्रिय हो जाता है। यह अलर्ट संबंधित एजेंसियों तक पहुंचता है, जिसके बाद स्थानीय पुलिस तत्काल एक्शन लेती है। दोनों मामलों में पुलिस ने समय रहते घर पहुंचकर युवाओं को समझाया और परिजनों की मौजूदगी में काउंसिलिंग कराई। अधिकारियों ने बताया कि भावनात्मक तनाव और प्रेम संबंधों से जुड़े मामलों में ऐसे अलर्ट अधिक मिल रहे हैं।
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केस 1
पीपीगंज क्षेत्र के बीए के एक छात्र ने शनिवार को इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा ''''हमको माफ कर देना, अब मैं नहीं जीना चाहता।'''' पोस्ट के कुछ ही देर बाद मेटा से अलर्ट लखनऊ कंट्रोल रूम को मिला, जिसे आगे गोरखपुर पुलिस को भेजा गया। पीपीगंज पुलिस तुरंत युवक के घर पहुंची और उसे सुरक्षित बचा लिया। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में छात्र की काउंसिलिंग की और उसे मानसिक रूप से संभालने की सलाह दी।
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केस 2
गुलरिहा क्षेत्र में स्नातक की छात्रा एक रेस्टोरेंट में काम भी करती है। उसने शुक्रवार रात इंस्टाग्राम स्टोरी डाली ''''पापा-मम्मी मुझे माफ कर देना, अगले जन्म में आउंगी।'''' मामला प्रेम संबंधों से जुड़ा बताया गया। सूचना मिलते ही पुलिस लगभग आधे घंटे के भीतर उसके घर पहुंच गई और उसे सुरक्षित पाया। छात्रा और परिवार दोनों की काउंसिलिंग की गई।

हफ्ते में मिल रहे दो से तीन अलर्ट
पुलिस के अनुसार, ऐसे मामलों में सप्ताह में दो से तीन अलर्ट मिल रहे हैं। पोस्ट करते ही पुलिस को अलर्ट मिल जाता है। सोशल मीडिया पर निगरानी की वजह से इनकी जान बच जा रही है।


बोले एसएसपी
यदि किसी व्यक्ति में तनाव, निराशा या आत्मघाती विचार दिखें तो उसे अकेला न छोड़ें। तुरंत परिवार या भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 14416 या 112 पर संपर्क करें। सोशल मीडिया पर ऐसे किसी भी पोस्ट को नजरअंदाज न करें और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
- डॉ. कौस्तुभ, एसएसपी
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