गोरखपुर: अंतरराष्ट्रीय गेटवे को बाइपास कर विदेश बात कराने वाले दो गिरफ्तार, पाकिस्तान और बांग्लादेेश में कराई ज्यादा बातें
पाकिस्तान और बांग्लादेेश में कराई ज्यादा बातें, राष्ट्रीय राजस्व का नुकसान, विजय चौक के पास से पकड़े गए देवरिया के दो आरोपित, एसटीएफ ने दर्ज कराया केस।
विस्तार
पकड़े गए आरोपितों की पहचान देवरिया जनपद के तरकुलवा थाना क्षेत्र बंजरिया निवासी आरिफ खान और यही के अरबाज खान के रूप में हुई है। दोनों गैस गोदाम गली में किराए के कमरे पर रहते थे। एसटीएफ के मुताबिक, शुक्रवार को सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुई कि कुछ लोग अवैध तरीके से इलेक्ट्रानिक संसाधनों का प्रयोग करते हुए विजय चौराहे के पास गैस गोदाम गली में किराये के मकान में रहकर फर्जी टेलीकाम एक्सचेंज चला रहे हैं।
वे सिम बाक्स में एक साथ कई डोगल लगाकर विभिन्न कम्पनियों की सिम से बांग्लादेश, पाकिस्तान व अन्य देशों में बात कराकर भारत सरकार को भारी मात्रा में राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं। वे फर्जीवाड़ा कर विधि सम्मत गठित अंतरराष्ट्रीय गेटवे को बाइपास कर देते हैं और सरकार की निगरानी से बच जाते हैं। इस सूचना पर एसटीएफ फील्ड इकाई गोरखपुर के निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह के नेतृत्व में टीम ने उक्त स्थान पर पहुंचकर आरोपियों को पकड़ लिया।
बांग्लादेशी नागरिक ने दिया था आइडिया
गिरफ्तार अरबाज ने बताया कि केटी नामक के एक व्यक्ति जो बाग्लादेश का निवासी है, उसने एक नंबर दिया और बोला बात करो, उस समय आरिफ कुवैत में वेल्डर का काम करता था। उससे व्हाटसएप के माध्यम से बात हुई। केटी नामक व्यक्ति ने अरबाज को बताया कि सिम बाक्स के माध्यम से भारत के लोगों की बांग्लादेश, पाकिस्तान अन्य खाड़ी देशों में बात कराकर काफी फायदा कमाया जा सकता है। मुझसे बात कर किराये का मकान जो विजय चौराहा गैस गोदाम गली बेला कोचिंग के सामने हैं के पते पर वर्ष 2019 दिसंबर में सिम बाक्स व अन्य सेटअप कोरियर के माध्यम से सिंगापुर से भेजा।
ऐसे करते थे जालसाजी
अरबाज ने अपने लैपटॉप से टीम व्यूवर डाउनलोड किया। इसके माध्यम से केटी ने अरबाज के लैपटॉप पर सेटअप बनाया। अरबाज का लैपटॉप VIRTUAL MACHINE tks CLOUD SPACE पर होता था। (इसका डाटा लैपटाप पर नहीं होता है) उसने बताया कि केटी अंतरराष्ट्रीय कॉल को मेरे सिम बाक्स के जरिये कस्टमर से आधिकारिक टेलीफोन एक्सचेंज को बाईपास कराके बात करा देता था। इस तरह अंतरराष्ट्रीय कॉल का हमें 15 पैसे प्रति मिनट मेरे पूर्वाचल बैंक खाते में केटी द्वारा भेज दिए जाते थे। इस कार्य के लिये तेज नेट के लिए रेल वेयर का इंटरनेट कनेक्शन लिया था।
रुपये कमाने के लालच में शुरू किया था काम
आरिफ ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2019 में कुवैत में था, वहां फैयाज नाम का व्यक्ति मिला, जिसने मुझे बताया कि भारत कॉल करने के लिए सस्ते दर पर बात होती है, फिर मेरी बात केटी से करवाई। उसने बताया कि सिम सेट अप बॉक्स ले लो, सस्ते दर पर बात हो जाएगी एवं पैसे भी कमा लोगे। उसने 150 दीनार सिमसेट अप बॉक्स की कीमत बताई, तब मैंने 50 दीनार केटी के बताए खाते में जमा किया तथा अरबाज ने केटी से बात करवाई। केटी ने सिम सेट अप बॉक्स कूरियर से सिंगापुर से दिसंबर 2019 में भेजवाया था, फिर जब मैं वापस भारत आया तब से हम दोनों ये काम कर रहे थे।
ये बरामद हुए
पुलिस ने उनके कब्जे से 2160 रुपये नगद, एक सिम बाक्स (100 नेट शेयर स्लाट) मोबाइल फोन (विभिन्न कम्पनियों के), 69 नेट सेंटर, 24 सिमकार्ड (एयरटेल और वीआई), 2 लैपटाप, प्रिंटर सहित 3 राउटर, एटीएम कार्ड एसबीआई, 2 मोबाइल, 1 टूलकिट, 2 पैनकार्ड, 4 फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड, 2 फर्जी / कूटरचित मतदाता पहचान पत्र बरामद किया।