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नाले में गिरे बच्चे की जान बचाने वाले टीएसआई रामवृक्ष सिल्वर पदक से सम्मानित होंगे

Sat, 10 Oct 2020 12:16 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2020 12:16 AM IST
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tsi ram vriksh will be awarded DGP silver medal
देवरिया में छह अक्तूबर को बच्चे को नाले से निकालने के बाद साथ खड़े यातायात उपनिरीक्षक रामवृक्ष य? - फोटो : DEORIA
नाले में गिरे बच्चे की जान बचाने वाले टीएसआई रामवृक्ष सिल्वर पदक से सम्मानित होंगे
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देवरिया। पूरे जिले में सिंघम के नाम से मशहूर उपनिरीक्षक यातायात रामवृक्ष यादव को डीजीपी की ओर से सिल्वर पदक और प्रशस्तिपत्र से सम्मानित किया जाएगा। छह अक्तूबर की रात आठ बजे दो बहनों के साथ घर जा रहा बच्चा सुभाष चौक के सामने पैर फिसल जाने से वह गहरे नाले में गिर गया था। लोग मदद करने की बजाय वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। इसी बीच पहुंचे टीएसआई ने जान की परवाह किए बिना बांस के डंडे के सहारे नाले में उतर गए और बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया था। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब चला। टीएसआई के इस सराहनीय कार्य की डीजीपी कार्यालय ने प्रशंसा करते हुए उन्हें सिल्वर पदक से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
जौनपुर जिले के केराकत तहसील के हीरापुर गांव निवासी टीएसआई रामवृक्ष यादव पुत्र स्व.तेजू यादव किसान परिवार से हैं। गांव के ही विद्यालय से हाईस्कूल के बाद इंटर एसडीआर कॉलेज एवं स्नातक पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एसडीआर पीजी कॉलेज से पूरा करने के बाद वर्ष 1994 में कांस्टबेल के रूप में पुलिस सेवा में आए। छह भाइयों एवं एक बहन में सबसे छोटे रामवृक्ष अपनी मेहनत की बदौलत विभागीय परीक्षा के बाद वर्ष 2013 में सबइंस्पेक्टर बन गए। घर में सभी भाई प्राइवेट ही काम करते हैं, सरकारी सेवा में वह अकेले हैं, बाद में इनके भतीजे भी पुलिस सेवा में आए हैं। इटावा में 19 साल, कानपुर में दो साल के बाद पिछले सात साल से देवरिया जिले में इनकी तैनाती हुई। इसी बीच वह एसओजी, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के स्कोर्ट में भी शामिल रहे।
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एसपी श्रीपति मिश्र ने बताया कि उपनिरीक्षक राम वृक्ष को सिल्वर एवं प्रशस्तिपत्र आगामी गणतंत्र दिवस पर दिए जाने की घोषणा की गई है।
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राज्य स्तर के खिलाड़ी रहे हैं टीएसआई
टीएसआई हॉकी, पिस्टल शूटिंग, टेबल टेनिस, बैडमिंटन के राज्य स्तर के खिलाड़ी रहे हैं। विभागीय खेलों में इन्होंने अपनी टीम को कई बार पदक भी जिताया है। स्वच्छता का तो मानो इन पर जुनून सवार है। सुबह की शुरुआत ही इनकी स्वच्छता अभियान से होती है। शहर के कई गणमान्य बताते हैं कि वर्तमान टीएसआई की वजह से जिले के बाइक सवारों ने हेलमेट पहनने को अनिवार्य बना लिया है।
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पुरस्कार मिलने से और बेहतर करने की मिलती है प्रेरणा
टीएसआई ने शुक्रवार को बताया कि पुरस्कार और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। कई बार उनसे लोग पूछते हैं कि क्या वह थकते नहीं, नींद, भूख प्यास उन्हें नहीं आती, ऐसे लोगों से वह कहते हैं कि अच्छे कार्य पर जब लोग तालियां बजाते हैं तो सारी थकान अपने आप गायब हो जाती है। आपके कार्यों की लोग तारीफ करें इसके लिए जुनून व पागलपन भी जरूरी है। नाले में गिरे बच्चे की जान बचाकर उन्हें जो खुशी मिली, वह शब्दों में नहीं बयां की जा सकती।
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