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Gorakhpur News: सत्य की सदा हुई है जीत
Fri, 11 Sep 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:38 AM IST
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गोरखपुर। तारामंडल के निजी रिजॉर्ट में चल रही रामचरित मानस कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को कथा व्यास आचार्य धीरज कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम के अवतार का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि सत्य की सदा जीत हुई है। जब-जब असुरों का अत्याचार बढ़ा है, तब-तब देव शक्तियों ने किसी न किसी रूप में जन्म लेकर अधर्म का नाश किया है।
उन्होंने कहा कि राम चरित मानस की कथा के अनुसार अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का अवतार हुआ। पृथ्वी पर जब रावण का अत्याचार चरम पर पहुंच गया और धर्म की हानि होने लगी तब देवताओं की पुकार पर भगवान ने मानव रूप में अवतार लिया। भगवान राम ने अपने आचरण से मर्यादा, सत्य और धर्म का संदेश दिया।
कथा व्यास ने कहा कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो जाए, उसका अंत निश्चित है। जब-जब धरती पर अन्याय बढ़ता है, तब न्याय और सत्य की स्थापना के लिए सकारात्मक शक्तियों का उदय होता है। हमें भी अपने जीवन में अधर्म और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस रखना चाहिए।
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कथा में आचार्य विजय कौशल, आचार्य अभिषेक मिश्रा, द्विवेंदु नाथ श्रीवास्तव, अरुण कर्मचारी, विनय कुमार सिंह, राणा पाठक, सामाजिक कर्मयोगी मंजीत श्रीवास्तव सहित अन्य श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
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उन्होंने कहा कि राम चरित मानस की कथा के अनुसार अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का अवतार हुआ। पृथ्वी पर जब रावण का अत्याचार चरम पर पहुंच गया और धर्म की हानि होने लगी तब देवताओं की पुकार पर भगवान ने मानव रूप में अवतार लिया। भगवान राम ने अपने आचरण से मर्यादा, सत्य और धर्म का संदेश दिया।
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कथा व्यास ने कहा कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो जाए, उसका अंत निश्चित है। जब-जब धरती पर अन्याय बढ़ता है, तब न्याय और सत्य की स्थापना के लिए सकारात्मक शक्तियों का उदय होता है। हमें भी अपने जीवन में अधर्म और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस रखना चाहिए।
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कथा में आचार्य विजय कौशल, आचार्य अभिषेक मिश्रा, द्विवेंदु नाथ श्रीवास्तव, अरुण कर्मचारी, विनय कुमार सिंह, राणा पाठक, सामाजिक कर्मयोगी मंजीत श्रीवास्तव सहित अन्य श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।