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Gorakhpur News: दोस्त पर भरोसा पड़ा भारी, युवक की लाखों की क्रिप्टो करेंसी चोरी-विश्वास जीतकर की धोखेबाजी
Mon, 24 Nov 2025 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Nov 2025 12:11 AM IST
सार
अनुराग ने आरोप लगाया कि अमित ने धीरे-धीरे विश्वास जीतकर उनके चार टोकन पाकेट वॉलेट के सीक्रेट फ्रेज चुपके से चुरा लिए। इसके बाद उसने वॉलेट में अनधिकृत तरीके से प्रवेश कर चार अलग-अलग एड्रेस पर मौजूद टोकन अपने वॉलेट में ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित के अनुसार, चार अक्तूबर को आरोपी ने अंतिम बार बड़ी मात्रा में टोकन अपने खाते में भेजे थे।
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क्रिप्टो करंसी
- फोटो : फ्रीपिक
विस्तार
युवक के साथ उसके ही दोस्त ने धोखाधड़ी कर लाखों रुपये की क्रिप्टो करेंसी वॉलेट से उड़ा ली। पीड़ित अनुराग कुमार गुप्ता ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, महराजगंज जिले के कोठीभार थाना क्षेत्र के कैमी निवासी अनुराग कुमार गुप्त वर्तमान में बेलीपार क्षेत्र के जीतपुर मरवाड़ियां कुआं में किराए के मकान में रहते हैं। उनके साथ दोस्त अमित कुमार, निवासी रामपुर दक्षिणी, पोस्ट औराडाड, थाना धनघटा, जनपद संतकबीरनगर, पिछले दो वर्षों से रह रहा था। दोनों मिलकर ऑनलाइन क्रिप्टो माइनिंग का काम करते थे।
अनुराग ने आरोप लगाया कि अमित ने धीरे-धीरे विश्वास जीतकर उनके चार टोकन पाकेट वॉलेट के सीक्रेट फ्रेज चुपके से चुरा लिए। इसके बाद उसने वॉलेट में अनधिकृत तरीके से प्रवेश कर चार अलग-अलग एड्रेस पर मौजूद टोकन अपने वॉलेट में ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित के अनुसार, चार अक्तूबर को आरोपी ने अंतिम बार बड़ी मात्रा में टोकन अपने खाते में भेजे थे।
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अनुराग ने बताया कि माइनिंग से मिलने वाले इस डिजिटल टोकन की मात्रा लगातार बढ़ती रहती है। चोरी के बाद भी इसका मूल्य बढ़ते हुए वर्तमान में यह 2743 एसएलजीएनएस (टोकन का मानक) तक पहुंच गया है। पीड़ित ने तहरीर में लिखा कि यह उसकी जीवन भर की मेहनत की कमाई है, जिसे धोखे से चुरा लिया गया। एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि साइबर सेल डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से मामले की जांच कर रही है।
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जानकारी के अनुसार, महराजगंज जिले के कोठीभार थाना क्षेत्र के कैमी निवासी अनुराग कुमार गुप्त वर्तमान में बेलीपार क्षेत्र के जीतपुर मरवाड़ियां कुआं में किराए के मकान में रहते हैं। उनके साथ दोस्त अमित कुमार, निवासी रामपुर दक्षिणी, पोस्ट औराडाड, थाना धनघटा, जनपद संतकबीरनगर, पिछले दो वर्षों से रह रहा था। दोनों मिलकर ऑनलाइन क्रिप्टो माइनिंग का काम करते थे।
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अनुराग ने आरोप लगाया कि अमित ने धीरे-धीरे विश्वास जीतकर उनके चार टोकन पाकेट वॉलेट के सीक्रेट फ्रेज चुपके से चुरा लिए। इसके बाद उसने वॉलेट में अनधिकृत तरीके से प्रवेश कर चार अलग-अलग एड्रेस पर मौजूद टोकन अपने वॉलेट में ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित के अनुसार, चार अक्तूबर को आरोपी ने अंतिम बार बड़ी मात्रा में टोकन अपने खाते में भेजे थे।
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अनुराग ने बताया कि माइनिंग से मिलने वाले इस डिजिटल टोकन की मात्रा लगातार बढ़ती रहती है। चोरी के बाद भी इसका मूल्य बढ़ते हुए वर्तमान में यह 2743 एसएलजीएनएस (टोकन का मानक) तक पहुंच गया है। पीड़ित ने तहरीर में लिखा कि यह उसकी जीवन भर की मेहनत की कमाई है, जिसे धोखे से चुरा लिया गया। एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि साइबर सेल डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से मामले की जांच कर रही है।