गोरखपुर जिला अस्पताल में बनेगा ट्रॉमा सेंटर, 24 घंटे ईएमओ, आर्थो व सर्जरी के डॉक्टर रहेंगे मौजूद
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गोरखपुर शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। जिला अस्पताल में अब ट्रॉमा सेंटर बनेगा। इसके लिए शासन की ओर से एक करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत भी हो चुके हैं। अस्पताल के बगल में खाली पड़ी नौ हजार वर्गफीट जमीन में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण किया जाएगा। ट्रामा सेंटर के भवन का मानचित्र भी स्वीकृत हो चुका है।
शहर में ट्रामा सेंटर की सुविधा केवल बीआरडी मेडिकल कॉलेज में है। सड़क दुर्घटना में घायल, ब्रेन हैमरेज या हार्ट अटैक सहित अन्य गंभीर बीमारी होने पर मरीजों को अब तक बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर जाना पड़ता था। बीआरडी में पहुंचने के लिए शहरवासियों को काफी मशक्कत उठानी पड़ती है क्योंकि यह शहर से दूर है।
इसकी वजह से कई मरीज रास्ते में भी दम तोड़ देते हैं लेकिन जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर खुल जाने से आम आदमी को राहत मिलेगी। ट्रामा सेंटर में छह बेड का वार्ड होगा। यहां पर इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के अलावा आर्थो व सर्जरी के डॉक्टर, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ 24 घंटे मौजूद रहेंगे जिससे मरीज के पहुंचने पर तत्काल उनका ऑपरेशन शुरू हो सके। इसके लिए ट्रॉमा सेंटर में आपरेशन थियेटर, एक्स-रे रूम व पैथोलाजी लैब भी बनाई जाएगी। साथ ही दो नर्सिंग स्टेशन व एक रिकॉर्ड रूम भी बनाया जाएगा।
इमरजेंसी में अभी देखे जाते हैं मरीज
जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए केवल इमरजेंसी वार्ड है। जहां सामान्य मरीज भी देखे जाते हैं और उन्हें भर्ती कर लिया जाता है। इमरजेंसी में न तो आपरेशन थियेटर है और न ही पैथालॉजी। गंभीर मरीजों के आने पर उन्हें मेडिकल कालेज के लिए रेफर करना पड़ता है।
जिला अस्पताल एसआईसी डॉ. एसी श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर के लिए 1.20 करोड़ रुपये का बजट शासन ने स्वीकृत कर दिया है। इसका मानचित्र भी बनकर तैयार है। शीघ्र ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। साथ ही एक्स-रे, ऑपरेशन व पैथोलॉजी जांच की सुविधा भी होगी।