Exclusive: रिकॉर्ड में गुम ट्रांसफार्मर लगा दिए टेलीकॉम टॉवर और पेट्रोल टंकी पर, CM कार्यालय से रिपोर्ट तलब
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सभी मंडल और खंडों से रिपोर्ट मांगी गई है। लगभग रिपोर्ट आ गई हैं। चौरीचौरा खंड कार्यालय से रिपोर्ट आने में कुछ विलंब हुआ है। सख्ती के साथ निर्देशित किया है कि रिपोर्ट जमा करें।
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विस्तार
बिजली निगम के अभियंताओं ने मंडल में करीब 300 ट्रांसफार्मर निजी हित में लगा दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच शुरू हुई तो अलग-अलग क्षेत्र के अभियंताओं ने आनन-फानन में गायब ट्रांसफार्मरों में से कुछ को भौतिक तो कुछ को कागजों के माध्यम से जमा करवाना शुरू करवाया। जांच में सामने आया कि अवर अभियंताओं ने स्थानीय लाइनमैन और निजी ठेकेदारों के साथ मिलकर मोबाइल फोन के टॉवर और पेट्रोल टंकी पर इन ट्रांसफार्मरों को लगा दिया था।
बिजली निगम में ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि में खूब खेल हुआ है। पावर कॉरपोरेशन का नियम है किसी भी ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि पैकेज के स्वीकृत होने और निविदा के बाद ही होती है। इसमें भौतिक निरीक्षण के बाद अवर अभियंता इस्टीमेट तैयार करता है।
इसकी स्वीकृति एसडीओ और अधिशासी अभियंता स्तर से होने के बाद पैकेज तैयार होता और अधीक्षण अभियंता इस पैकेज का टेंडर निकालते हैं। दूसरा तरीका इमरजेंसी का होता है। अवर अभियंता 08 लोन बी के तहत ट्रांसफार्मर स्वीकृति करवाकर इसे मौके पर लगवाते हैं और बाद में इसका पैकेज स्वीकृत करवाकर टेंडर निकाला जाता है।
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लेकिन, मंडल में मुख्य अभियंता कार्यालय को छोड़कर अन्य सभी ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि इन दोनों नियमों के तहत नहीं की गई है। बड़ी संख्या में बिना नियमों का पालन किए ट्रांसफार्मर स्टोर से जारी हो गए और मनमाने जगह पर लगा भी दिए गए। अब मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच की रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद आनन-फानन में रिपोर्ट तैयार कर भेजा जा रहा है।
चौरीचौरा में 33 ट्रांसफार्मर लगे थे
चौरीचौरा खंड में मनमर्जी से ट्रांसफार्मर लगाए गए। खंड के रिकार्ड के मुताबिक, कुल 33 ट्रांसफार्मरों में 20 की सूचना अवर अभियंताओं ने भेज दी। लेकिन, 13 अब भी लापता हैं। मोहद्दीपुर ग्रामीण प्रथम खंड में भी बिना पैकेज के बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर लगवाए गए हैं।
ट्रांसफार्मरों को ऐसे भी किया गायब
सूत्रों ने बताया कि ट्रांसफार्मरों को गायब करने का खेल सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्र में हुआ है। किसी क्षेत्र में एक बराबर क्षमता के ट्रांसफार्मर लगे थे। जैसे, 63 केवीए का दो ट्रांसफार्मर लगा था। इसमें एक की क्षमता वृद्धि कर दूसरे ट्रांसफार्मर को गायब कर दिया गया। चूंकि, पैकेज से इस काम को किया नहीं गया तो गायब ट्रांसफार्मर का रिकार्ड भी नहीं मिला। ऐसे ही कुछ दिन पहले सहजनवां में एक ट्रांसफार्मर खेत की आड़ में छिपाकर रखा हुआ मिला था।
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ट्रांसफार्मरों की कीमत( विभागीय)
- 10 केवीए - 38,106 हजार रुपये
- 25 केवीए- 74,198 हजार रुपये
- 63 केवीए- 1,40,801 लाख रुपये
- 100 केवीए- 1,84,241 लाख रुपये
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सभी मंडल और खंडों से रिपोर्ट मांगी गई है। लगभग रिपोर्ट आ गई हैं। चौरीचौरा खंड कार्यालय से रिपोर्ट आने में कुछ विलंब हुआ है। सख्ती के साथ निर्देशित किया है कि रिपोर्ट जमा करें। ट्रांसफार्मर सिर्फ कॉरपोरेशन के कामों में ही नियम के साथ प्रयोग किया जा सकता है।
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उदाहरण के लिए इन दो केस को पढ़ें
कुशीनगर जिले के एक कस्बे में 65 केवीए की क्षमता का दो ट्रांसफार्मर लगा था। क्षमता वृद्धि कर एक ट्रांसफार्मर को 400 केवीए कर दिया गया। जिम्मेदारों ने दूसरे ट्रांसफार्मर का भार भी 400 केवीए में शामिल कर दिया और ट्रांसफार्मर मौके से गायब कर दिया। जांच में ट्रांसफार्मर मोबाइल टावर पर लगाए जाने की बात सामने आई।
केस 2
चौरीचौरा के पास एक पेट्रोल पंप पर बिना ट्रांसफार्मर का पैकेज स्वीकृत कराए गलत तरीके से ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति दे दी गई थी। अधिशासी अभियंता ने मौके पर जाकर जांच की तो पता चला कि नियमों के विपरीत जाकर पेट्रोल पंप पर कनेक्शन के साथ ट्रांसफार्मर भी लगा दिया गया है।