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Gorakhpur News: जेल गए साइबर अपराधियों के खाते से मिले तीन करोड़ से अधिक के लेन-देन

Mon, 10 Nov 2025 02:34 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Nov 2025 02:34 AM IST
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Transactions worth over Rs 3 crore found in accounts of jailed cyber criminals
गोरखपुर। साइबर जालसाजी की रकम को म्यूल खातों से क्रिप्टो करेंसी में बदल कर विदेश भेजने वाले गिरोह की जांच में एक और पर्दाफाश हुआ है। जेल भेजे जा चुके साइबर अपराधियों के बैंक खातों से तीन करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस अब इस रकम के स्रोत और गंतव्य की पड़ताल में जुटी है। इसके साथ ही पुलिस मुंबई व चेन्नई पुलिस से संपर्क कर साइबर ठगी के पीड़ितों की जानकारी मांगी है।
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बीते छह नवंबर को साइबर क्राइम की टीम ने एकाउंट फॉर हायर मॉडल पर काम करने वाले पांच आरोपियों शैलेश चौधरी, आदिल शफीक, अनुज साहू, शुभम राय और विशाल गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। पुलिस को आरोपियों पास से पांच एंड्राइड मोबाइल मिले थे। पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल और बैंक खातों की जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में यह पाया गया कि आरोपियों के खातों से क्रिप्टो करेंसी के जरिए भारी लेन-देन हुआ है। पुलिस को संदेह है कि ठगी से प्राप्त रकम को बिटकॉइन जैसी डिजिटल करेंसी में बदलकर विदेशों में ट्रांसफर किया गया है।
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विवेचक ने इन लेन-देन की पुष्टि के लिए मुंबई और चेन्नई स्थित क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनियों से संपर्क किया है। अधिकारियों से खातों के डिजिटल ट्रांजेक्शन, वॉलेट आईडी और संदिग्ध यूजर प्रोफाइल की जानकारी मांगी गई है। साथ ही, मुख्य आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और ठगी के शिकार पीड़ितों की सूची भी मांगी गई है ताकि ठगी की कुल रकम और दायरा तय किया जा सके।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार ठगों ने शेयर ट्रेडिंग, ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट और क्रिप्टो करेंसी में मुनाफे का झांसा देकर की गई ठगी की रकम को विदेशी खातों में भेजने का काम किया है। फिलहाल पुलिस ने साइबर ठगी के पैसों की हेराफेरी में शामिल अन्य खातों की निगरानी भी शुरू कर दी है।


जिन बैंकों के जरिये रकम का लेन-देन हुआ, उनके नोडल अधिकारियों से भी डिटेल मांगी गई है। प्राथमिक जांच में जेल भिजवाए गए गिरोह का नेटवर्क गोरखपुर के अलावा अन्य राज्यों में भी सक्रिय हो सकता है। क्रिप्टो ट्रांजेक्शन के तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। सभी संदिग्ध खातों को फ्रीज कर दिया गया है और प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सुधीर जायसवाल, एसपी क्राइम
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