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गोरखपुर: बांस के झुमके, हार व कंगन बनाने का मिलेगा प्रशिक्षण

Tue, 24 Aug 2021 09:39 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 24 Aug 2021 09:39 AM IST
सार

वन विभाग की मदद से बैंबू लेडी ऑफ इंडिया नीरा शर्मा और उनकी टीम करेगी प्रशिक्षित, डीएफओ ने कैंपियरगंज के लक्ष्मीपुर में प्रशिक्षण शिविर का किया।

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Training will be given to make bamboo earrings necklaces and bracelets
बांस के आभूषण। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बैंबू लेडी ऑफ इंडिया नीरा शर्मा और उनकी टीम जरूरतमंदों को बांस के झुमके, हार और कंगन के अलावा अन्य आभूषण बनाने का प्रशिक्षण देगी। सोमवार को कैंपिंयरगंज रेंज के लक्ष्मीपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) में डीएफओ अविनाश कुमार ने 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया।

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डीएफओ ने बताया कि प्रशिक्षण में 25 लोगों को शामिल किया गया है। इनमें बांसफोड़ समाज के 50 प्रतिशत और इसके बाद आर्थिक रूप से जरूरतमंदों को शामिल किया गया हैं। बताया कि प्रशिक्षित होने के बाद इनके द्वारा बनाए गए बांस के उत्पाद पूर्वांचल ही नहीं देश-विदेश तक के लोगों का ध्यान खींचेंगे।
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3.55 करोड़ रुपये से बनकर तैयार हुआ सीएफसी
बांस की खेती से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कैंपियरगंज ब्लॉक के लक्ष्मीपुर में बांस के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) बनकर तैयार हो गया है। केंद्र सरकार की यह योजना 3.55 करोड़ रुपये में तैयार हुआ है। अब यहां प्रशिक्षण शुरू होगा।

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सीएफसी में मिलेंगी ये सुविधाएं

कॉमन फैसिलिटी सेंटर की खाली पड़ी जमीन में बांस की खेती होगी। इसके अलावा बांस के ट्रीटमेंट, कार्बोनाइजेशन और वैल्यू एडिशन प्रोसेसिंग के लिए यूनिट स्थापित किया जा चुका है। बांस से निकलने वाले वेस्ट के लिए प्राइमरी स्तर की प्रोसेसिंग यूनिट भी निर्मित होगी।

यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर किसानों को प्रेरित व प्रशिक्षित करने, बांस से हस्तशिल्प बनाने एवं निर्मित उत्पाद की बिक्री के लिए बाजार का प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराएगा। इस सेंटर में ‘लाइवली हुड बिजनेस इनक्यूबेटर’(एलबीआई) संचालित होगा।

यहां बांस से हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, फर्नीचर निर्माण, बांस बाजार, ग्रामीण क्षेत्रों में बांस की झोपड़ी बनाने का प्रशिक्षण देने के लिए कक्ष भी निर्मित होंगे। बांस रखने और निर्मित उत्पाद को रखने के लिए गोदाम होगा।

 

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