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Gorakhpur News: फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, व्यापारी से की दोस्ती- ट्रेडिंग के नाम पर ठग लिए 93.61 लाख
Sat, 29 Nov 2025 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Nov 2025 01:05 AM IST
सार
पीड़ित के अनुसार, ऋतिका गुप्ता नाम की लड़की ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, खुद को बिजनेसवुमन बताया और व्हाट्सएप पर संपर्क बढ़ाकर क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। विजय ने बताया कि चैट के दौरान ऋतिका ने अपने सीनियर साकेत मित्तल, आकाश, संजीव और मेघना से भी बातचीत कराई, जिन्होंने खुद को ट्रस्ट क्वाइन ट्रेडिंग नामक क्रिप्टो कारोबार का संचालक बताया।
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क्रिप्टो करंसी
- फोटो : फ्रीपिक
विस्तार
राजघाट थाना क्षेत्र के साहबगंज के व्यापारी से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 93.61 लाख रुपये की जालसाजी का मामला सामने आया है। व्यापारी विजय आनंद लोहिया ने साइबर थाने में तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पीड़ित के अनुसार, ऋतिका गुप्ता नाम की लड़की ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, खुद को बिजनेसवुमन बताया और व्हाट्सएप पर संपर्क बढ़ाकर क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया।
विजय ने बताया कि चैट के दौरान ऋतिका ने अपने सीनियर साकेत मित्तल, आकाश, संजीव और मेघना से भी बातचीत कराई, जिन्होंने खुद को ट्रस्ट क्वाइन ट्रेडिंग नामक क्रिप्टो कारोबार का संचालक बताया।
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लिंक भेजकर कथित लाभ दिखाया गया और प्ले स्टोर से बैलेंस एप डाउनलोड कराया गया। शुरुआत में 10 हजार रुपये निवेश कराकर तीन दिन लगातार फर्जी प्रॉफिट दिखाए गए और उसका कुछ हिस्सा भेजकर भरोसा जीता गया।
इसके बाद एक लाख रुपये से शुरू होने वाली पांच दिन की ट्रेडिंग ऑफर की गई, जिसमें प्रतिदिन 30 प्रतिशत नकद कमीशन लेने की शर्त रखी गई। प्रॉफिट का लालच देकर पीड़ित से लगातार रुपये जमा कराए गए। कुछ ही दिनों में बैलेंस एप पर एक करोड़ 31 लाख 7 हजार रुपये की फर्जी रकम दिखने लगी। इसमें से कमीशन के नाम पर 39 लाख 39 हजार रुपये पहले ही निकाल लिए गए।
जब पीड़ित ने प्रॉफिट विड्रॉल की मांग की तो आरोपी साकेत मित्तल ने कस्टमर केयर से बात करने को कहा। इसके बाद विड्रॉल के नाम पर कई किस्तों में रुपये मंगाए गए और अंत में धमकी दी गई कि अगर और रुपये नहीं भेजे गए तो पूरी राशि फ्रीज कर दी जाएगी। इसके बाद व्यापारी को जालसाजी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत की।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी रशीद खान ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिन बैंक खातों और वॉलेट में रकम भेजी गई है, उनके विवरण खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी जांच तेज की जाएगी।
एक्सपर्ट की राय
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल के अनुसार, यह मामला पूरी तरह पिग-बुचेरिंग स्कैम का पैटर्न है। इसमें ठग पहले दोस्ती बनाते हैं फिर भरोसा और अंत में बड़े निवेश की तरफ धकेल देते हैं। फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट और एप असली ट्रेडिंग ग्राफ की हूबहू नकल होते हैं, जिनमें दिखाया गया बैलेंस पूरी तरह नकली होता है।
क्रिप्टो वॉलेट में भेजी गई रकम ब्लॉकचेन पर जाती है, इसलिए ट्रेसिंग तकनीकी रूप से कठिन और समय लेने वाली होती है। असली ब्रोकरेज फर्म कभी नकद कमीशन या अग्रिम भुगतान नहीं मांगती। सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले 90 प्रतिशत ट्रेडिंग ऑफर फर्जी पाए जा रहे हैं।
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पीड़ित के अनुसार, ऋतिका गुप्ता नाम की लड़की ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, खुद को बिजनेसवुमन बताया और व्हाट्सएप पर संपर्क बढ़ाकर क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया।
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विजय ने बताया कि चैट के दौरान ऋतिका ने अपने सीनियर साकेत मित्तल, आकाश, संजीव और मेघना से भी बातचीत कराई, जिन्होंने खुद को ट्रस्ट क्वाइन ट्रेडिंग नामक क्रिप्टो कारोबार का संचालक बताया।
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लिंक भेजकर कथित लाभ दिखाया गया और प्ले स्टोर से बैलेंस एप डाउनलोड कराया गया। शुरुआत में 10 हजार रुपये निवेश कराकर तीन दिन लगातार फर्जी प्रॉफिट दिखाए गए और उसका कुछ हिस्सा भेजकर भरोसा जीता गया।
इसके बाद एक लाख रुपये से शुरू होने वाली पांच दिन की ट्रेडिंग ऑफर की गई, जिसमें प्रतिदिन 30 प्रतिशत नकद कमीशन लेने की शर्त रखी गई। प्रॉफिट का लालच देकर पीड़ित से लगातार रुपये जमा कराए गए। कुछ ही दिनों में बैलेंस एप पर एक करोड़ 31 लाख 7 हजार रुपये की फर्जी रकम दिखने लगी। इसमें से कमीशन के नाम पर 39 लाख 39 हजार रुपये पहले ही निकाल लिए गए।
जब पीड़ित ने प्रॉफिट विड्रॉल की मांग की तो आरोपी साकेत मित्तल ने कस्टमर केयर से बात करने को कहा। इसके बाद विड्रॉल के नाम पर कई किस्तों में रुपये मंगाए गए और अंत में धमकी दी गई कि अगर और रुपये नहीं भेजे गए तो पूरी राशि फ्रीज कर दी जाएगी। इसके बाद व्यापारी को जालसाजी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत की।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी रशीद खान ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिन बैंक खातों और वॉलेट में रकम भेजी गई है, उनके विवरण खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी जांच तेज की जाएगी।
एक्सपर्ट की राय
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल के अनुसार, यह मामला पूरी तरह पिग-बुचेरिंग स्कैम का पैटर्न है। इसमें ठग पहले दोस्ती बनाते हैं फिर भरोसा और अंत में बड़े निवेश की तरफ धकेल देते हैं। फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट और एप असली ट्रेडिंग ग्राफ की हूबहू नकल होते हैं, जिनमें दिखाया गया बैलेंस पूरी तरह नकली होता है।
क्रिप्टो वॉलेट में भेजी गई रकम ब्लॉकचेन पर जाती है, इसलिए ट्रेसिंग तकनीकी रूप से कठिन और समय लेने वाली होती है। असली ब्रोकरेज फर्म कभी नकद कमीशन या अग्रिम भुगतान नहीं मांगती। सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले 90 प्रतिशत ट्रेडिंग ऑफर फर्जी पाए जा रहे हैं।