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Gorakhpur News: पूरी दुनिया में फैलाया था योग, अब जन्मस्थली को पर्यटनस्थली बनाएगा पर्यटन विभाग- जानिए कैसे
Tue, 16 Apr 2024 11:30 AM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Tue, 16 Apr 2024 11:30 AM IST
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नखास चौक के पास इसी मकान में रहते थे परमहंस योगानंद
- फोटो : अमर उजाला
दुनियाभर में योग का प्रचार-प्रसार करने वाले योगगुरु परमहंस योगानंद (मुकुंद लाल घोष) की जन्मस्थली अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगी। साथ ही योगानंद से जुड़ीं वस्तुओं को धरोहर के रूप में संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए करीब 50 करोड़ खर्च होंगे, पर्यटन विभाग को पहली किस्त 19 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।
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इस रकम को भवन और जमीन के मुआवजे पर खर्च किया जाएगा। भूमि आधिपत्य विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जल्द ही भू-स्वामी से अनुबंध और रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने दिसंबर 2023 में प्रशासन की टीम ने शहर के नखास चौक, कोतवाली के बगल में स्थित जिस मकान में पांच जनवरी 1893 को परमहंस योगानंद का जन्म हुआ था, उसका सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया था।
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पिता भगवती चरण घोष रेलवे में नौकरी करते थे। सपरिवार नवाब शेख अब्दुल रहीम उर्फ अच्छन बाबू के यहां किराए पर रहते थे। प्रस्ताव को स्वीकृत देते हुए शासन ने मार्च में ही मंजूरी दे दी और 19 करोड़ की पहली किस्त भी जारी कर दी। पर्यटन विभाग अब एक निजी एजेंसी से डीपीआर तैयार कराएगा, जिसे चुनाव बाद शासन में स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
खड़ाऊं, रुद्राक्ष की मालाएं, लैंप हैं सुरक्षित
जिस कमरे में परमहंस योगानंद रहते थे, उसमें उनकी खड़ाऊं, रुद्राक्ष की मालाएं, लैंप और पुस्तकें थीं। जिसे अच्छन बाबू के पुत्र मोहम्मद अलाउद्दीन उर्फ शेखू ने सुरक्षित रखा है। प्रस्ताव के मुताबिक, परिसर में एक संग्रहालय बनेगा, जिसमें उनसे जुड़ी वस्तुओं को रखा जाएगा।
परिसर में लगेगा योगानंद का बड़ा स्टैच्यू
जिस आवास में परमहंस योगानंद रहते थे, उस परिसर को योग केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। परिसर में ही उनका बड़ा स्टैच्यू लगेगा। इसके अलावा लाइब्रेरी, म्यूजियम, गार्डेन, कैफेटेरिया, फोटो गैलरी, हॉल आदि बनाया जाएंगे।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि नवंबर 2023 में योगगुरु परमहंस योगानंद के कुछ फॉलोअर्स विदेश से आए थे। उन्हें ले जाकर योगगुरु के आवास को दिखाया गया। उन्होंने इसे विकसित कराने का अनुरोध किया। बताया कि योगगुरु के बारे में जानने के लिए उनके फॉलोअर्स भारी संख्या में आते हैं।
इसके बाद प्रस्ताव तैयार कराया गया। परिसर को पर्यटन के लिहाज से योग केंद्र के रूप में विकसित करेंगे, इसके लिए 19 करोड़ रुपये मिले हैं। इसका उपयोग आवास और परिसर के मुआवजे में किया जाएगा। पूरे आवास को ध्वस्त करके नया भवन बनाया जाएगा। चुनाव बाद डीपीआर तैयार कराकर शासन को भेजा जाएगा। इसे विकसित करने में अनुमानित लागत करीब 50 करोड़ आएगी।