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Gorakhpur News: टॉपर बनेंगे रोल मॉडल, देंगे बोर्ड परीक्षार्थियों को सफलता के टिप्स
Thu, 30 Oct 2025 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 30 Oct 2025 11:42 PM IST
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संतकबीरनगर। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षार्थियों के बीच आत्मविश्वास बढ़ाने और परीक्षा का तनाव कम करने के लिए अनोखी पहल शुरू की है। जिले के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के टॉपर अब रोल मॉडल बनकर अन्य विद्यार्थियों को सफलता के गुर सिखाएंगे। विभाग का मानना है कि समान आयु वर्ग के सफल विद्यार्थियों से प्रेरणा मिलने पर बोर्ड परीक्षार्थियों का मनोबल दोगुना होगा और वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक हरिशचंद नाथ ने बताया कि जिले के 25 राजकीय, 34 सहायता प्राप्त सहित 100 मान्यता प्राप्त विद्यालयों से चयनित मेधावी विद्यार्थी अब कार्यशालाओं, संवाद सत्रों और प्रेरक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे अपने अनुभव साझा करेंगे कि कैसे उन्होंने पढ़ाई की योजना बनाई, कठिन विषयों को समझा, समय प्रबंधन किया और परीक्षा के दबाव को किस तरह संभाला। इसके अलावा विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका में उत्तर लिखने के तरीके और दोहराव की रणनीति पर भी व्यावहारिक सुझाव दिए जाएंगे।
डीआईओएस ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा परिणाम सुधारना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास की भावना विकसित करना है। विभाग का मानना है कि छात्र जब अपने ही बीच से किसी सफल विद्यार्थी को सामने पाते हैं, तो प्रेरणा का असर गहरा होता है। इस कार्यक्रम के तहत नवंबर से दिसंबर तक जिलेभर के विद्यालयों में टॉपर टॉक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें पिछले सत्र के टॉपर विद्यार्थियों को मुख्य वक्ता बनाया जाएगा।
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वे परीक्षार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देंगे और बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए व्यावहारिक टिप्स साझा करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि यह कदम विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे न केवल परीक्षा भय खत्म होगा, बल्कि विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। शिक्षा विभाग उम्मीद कर रहा है कि इस पहल से आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले का प्रदर्शन पहले से बेहतर रहेगा।
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जिला विद्यालय निरीक्षक हरिशचंद नाथ ने बताया कि जिले के 25 राजकीय, 34 सहायता प्राप्त सहित 100 मान्यता प्राप्त विद्यालयों से चयनित मेधावी विद्यार्थी अब कार्यशालाओं, संवाद सत्रों और प्रेरक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे अपने अनुभव साझा करेंगे कि कैसे उन्होंने पढ़ाई की योजना बनाई, कठिन विषयों को समझा, समय प्रबंधन किया और परीक्षा के दबाव को किस तरह संभाला। इसके अलावा विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका में उत्तर लिखने के तरीके और दोहराव की रणनीति पर भी व्यावहारिक सुझाव दिए जाएंगे।
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डीआईओएस ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा परिणाम सुधारना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास की भावना विकसित करना है। विभाग का मानना है कि छात्र जब अपने ही बीच से किसी सफल विद्यार्थी को सामने पाते हैं, तो प्रेरणा का असर गहरा होता है। इस कार्यक्रम के तहत नवंबर से दिसंबर तक जिलेभर के विद्यालयों में टॉपर टॉक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें पिछले सत्र के टॉपर विद्यार्थियों को मुख्य वक्ता बनाया जाएगा।
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वे परीक्षार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देंगे और बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए व्यावहारिक टिप्स साझा करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि यह कदम विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे न केवल परीक्षा भय खत्म होगा, बल्कि विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। शिक्षा विभाग उम्मीद कर रहा है कि इस पहल से आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले का प्रदर्शन पहले से बेहतर रहेगा।