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Gorakhpur News: बिजली कनेक्शन ले लिया, बिल जमा करना भूल गए, अब होगी कार्रवाई
Fri, 10 Feb 2023 02:27 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 10 Feb 2023 02:27 PM IST
सार
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि इन उपभोक्ताओं को नेवर पेड की श्रेणी में रखा गया है। अब इनसे बिजली बिल का राजस्व जमा करवाया जाएगा। इसके अलावा इस श्रेणी में कनेक्शन क्यों नहीं बने, इसकी भी जांच करवाई जाएगी।
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बिजली बिल।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
शहरी खंड में लगभग तीन हजार उपभोक्ताओं ने बिजली कनेक्शन ले लिया लेकिन बिल जमा करना भूल गए। ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार की गई है। अब इन उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। निगम इस मामले में विभाग के अफसरों की भी जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की तैयारी में है।
दरअसल, जब किसी उपभोक्ता का नया बिजली कनेक्शन जारी होता है तो उसतक पहले बिजली बिल को पहुंचाने का जिम्मा अवर अभियंता या एसडीओ का होता है। शहर के बिजली घरों से अवर अभियंताओं ने बड़ी संख्या में कनेक्शन जारी किए, लेकिन समय से इनके बिल नहीं बनावाए। न ही इसकी निगरानी की। कारपोरेशन के नियम के अनुसार, जारी होने वाले कनेक्शनों पर पहला बिल बनाना अभियंताओं की जिम्मेदारी होती है। इसके बाद बिलिंग एजेंसी की तरफ से मीटर रीडर जाकर उपभोक्ताओं का बिजली बिल बनाते हैं।
न तो संबंधित अभियंताओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और न ही मीटर रीडरों ने। और न ही कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं ने महीने बीत जाने के बाद भी उन्होंने अपना बिजली बिल बनवाया। ऐसे में इनके बिजली बिल नहीं बन सके। परिणाम यह हुआ कि नेवर पेड श्रेणी में धीरे धीरे 2,692 उपभोक्ता आ गए हैं।
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अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि इन उपभोक्ताओं को नेवर पेड की श्रेणी में रखा गया है। अब इनसे बिजली बिल का राजस्व जमा करवाया जाएगा। इसके अलावा इस श्रेणी में कनेक्शन क्यों नहीं बने, इसकी भी जांच करवाई जाएगी।
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दरअसल, जब किसी उपभोक्ता का नया बिजली कनेक्शन जारी होता है तो उसतक पहले बिजली बिल को पहुंचाने का जिम्मा अवर अभियंता या एसडीओ का होता है। शहर के बिजली घरों से अवर अभियंताओं ने बड़ी संख्या में कनेक्शन जारी किए, लेकिन समय से इनके बिल नहीं बनावाए। न ही इसकी निगरानी की। कारपोरेशन के नियम के अनुसार, जारी होने वाले कनेक्शनों पर पहला बिल बनाना अभियंताओं की जिम्मेदारी होती है। इसके बाद बिलिंग एजेंसी की तरफ से मीटर रीडर जाकर उपभोक्ताओं का बिजली बिल बनाते हैं।
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न तो संबंधित अभियंताओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और न ही मीटर रीडरों ने। और न ही कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं ने महीने बीत जाने के बाद भी उन्होंने अपना बिजली बिल बनवाया। ऐसे में इनके बिजली बिल नहीं बन सके। परिणाम यह हुआ कि नेवर पेड श्रेणी में धीरे धीरे 2,692 उपभोक्ता आ गए हैं।
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अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि इन उपभोक्ताओं को नेवर पेड की श्रेणी में रखा गया है। अब इनसे बिजली बिल का राजस्व जमा करवाया जाएगा। इसके अलावा इस श्रेणी में कनेक्शन क्यों नहीं बने, इसकी भी जांच करवाई जाएगी।